दो हजार से भी ज्यादा एपिसोड पूरा करने वाले हास्य पारिवारिक टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के लेखक पद्मश्री तारक मेहता का लखनऊ से आजीवन का संबंध जुड़ा है।
दिवंगत वयोवृद्ध लेखक के लिखे टीवी शो का प्रसारण भले ही टीवी पर लगातार कई सालों से हो रहा हो, कलाकारों की गोकुल धाम कालोनी में रहने की भले ही हर भारतीय की ख्वाहिश हो, लेकिन शहरियों ने इसे सच में अपना लिया है।
शो के शुरू होने के करीब दो साल बाद नाका मोतीनगर के कई निवासियों ने जब एक कालोनी में रहना शुरू किया तो पूरी कालोनी का नाम ही टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की कालोनी ‘गोकुलधाम’ के नाम पर रख दिया।
पूरे चारबाग-मोतीनगर में कालोनी इसी नाम से और तारक मेहता के शो के नाम से जाना जाता है। मौजूदा समय में यहां 18 मकानों में 18 परिवार रह रहे हैं, जिनमें से अधिकतर मारवाड़ी परिवारों के हैं और कई मकानों का निर्माण चल रहा है।
यहां तीज त्योहार भी टीवी की तरह ही सामूहिक रूप से मनाये जाते हैं। सीरियल के लेखक तारक मेहता के निधन की खबर के बाद दिन भर यहां के लोग मायूस दिखे।
गोकुल धाम वेलफेयर सोसाइटी के कोषाध्यक्ष सुधीश गर्ग ने बताया कि हम कुछ परिवार जो पहले से आपस में परिचित थे और शुरू से ही पारिवारिक शो तारक मेहता को बहुत पसंद करते थे।