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लखनऊ गैंगवार : डॉक्टर का कोर्ट में बयान दर्ज, बढ़ीं पूर्व सांसद धनंजय सिंह की मुश्किलें

Wed, 20 Jan 2021 12:02 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : सोशल मीडिया
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अजीत सिंह की हत्या में पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम सामने आने के बाद पुलिस अपनी कार्रवाई को पुख्ता करने में जुट गई है। इसी के तहत मंगलवार को गैंगवार में घायल का उपचार कराने वाले सुल्तानपुर के डॉक्टर एके सिंह का कोर्ट में भी बयान दर्ज करा दिया गया। कोर्ट में बयान के बाद धनंजय सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने बताया कि हत्या में नामजद ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह और अखंड प्रताप सिंह को बी वारंट पर लाने की तैयारी हो गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी के बाद विभूतिखंड पुलिस उनसे पूछताछ करेगी।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि डॉ. एके सिंह ने कोर्ट को दिए बयान में वही बातें दोहराई हैं जो उन्होंने विभूतिखंड पुलिस से कही थीं। डॉक्टर ने पुलिस को बताया था कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने छह-सात जनवरी की रात करीब दो बजे उन्हें फोन करके एक घायल का उपचार करने को कहा था। उनके इसी बयान के आधार पर कमिश्नरेट पुलिस धनंजय सिंह को पूछताछ के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक अजीत हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम खुलकर सामने नहीं आया था लेकिन विवेचना जिस दिशा में जा रही है, पुलिस भी कार्रवाई के सारे आधार तैयार कर रही है। डॉ. एके सिंह के कोर्ट में बयान दर्ज होने से धनंजय सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पूर्व सांसद पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस घायल आरोपी का इलाज कराने वाले उनके गुर्गे कृष्णानगर के मानसनगर निवासी विपुल सिंह की तलाश कर रही है।
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इसके साथ ही आजमगढ़ जेल में बंद जीयनपुर विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू सिंह की हत्या के आरोपी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह व अखंड प्रताप सिंह को भी लखनऊ लाने की पूरी तैयारी हो गई है। तीनों से पूछताछ में कई और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
 
आरोपियों को लखनऊ लाने में देरी पर सवाल                    
अजीत हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम खोलने के अलावा नामजद आरोपी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह, अखंड प्रताप सिंह और कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर को लखनऊ लाने में देरी से पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक लाख रुपये के इनामी गिरधारी की दिल्ली में नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी हुए सात दिन बीत गए, इसके बाद भी पुलिस ने उसे लखनऊ लाने के लिए बी वारंट लेने का प्रयास नहीं किया जबकि वाराणसी पुलिस ने तत्काल उसका वारंट लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसी तरह आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू और अखंड का बी वारंट पुलिस ने 15 जनवरी को ही ले लिया था लेकिन अभी तक दोनों को लखनऊ लाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास नहीं किया गया। नामजद आरोपियों को लाने और उनसे पूछताछ करके अजीत हत्याकांड की तह तक जाने के लिए पुलिस की तरफ से सक्रिय पहल न होना अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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