राजधानी के चार सीएचसी में सिजेरियन ऑपरेशन ठप पड़े हैं। कहीं गाइनकोलॉजिस्ट का संकट है तो कहीं एनेस्थिसियोलॉजिस्ट (बेहोशी के डॉक्टर) का। ऐसे में गर्भवतियों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब हुई है। सीएमओ का कहना है कि जिन सीएचसी में सिजेरियन ऑपरेशन बंद हैं, वहां डॉक्टरों की तैनाती कराई जा रही है।
शहर में 20 सीएचसी संचालित हो रहे हैं। अफसरों का दावा है कि 16 सीएचसी में सिजेरियन ऑपरेशन हो रहे हैं, जबकि चार सीएचसी में विशेषज्ञ न होने से यह संभव नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण यहां आने वाली गर्भवती को क्वीनमेरी, डफरिन व झलकारीबाई अस्पताल भेजा जा रहा है।
गुडंबा, नगराम व बेहटा सीएचसी में गाइनकोलॉजिस्ट व एनेस्थिसियोलॉजिस्ट नहीं है। ऑन कॉल बेहोशी के डॉक्टर मिलने बाद भी गाइनकोलॉजिस्ट न होने सिजेरियन बंद हैं। वहीं, चिनहट स्थित मदर एंड चाइल्ड विंग में गाइनकोलॉजिस्ट तैनात होने बाद भी सिजेरियन नहीं हो रहे हैं।
बेहोशी के करीब पंद्रह डॉक्टर
सीएमओ के अधीन स्थायी व अस्थायी डॉक्टर मिलाकर करीब 15 एनेस्थिसियोलॉजिस्ट हैं। इनमें कई सरकारी डॉक्टर ऑन कॉल सेवाएं दे रहे हैं। इसके बदले एनएचएम के जरिये उन्हें भुगतान भी किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि एनएचएम के जरिये भुगतान अभी तक लंंबित पड़ा है। ऐसे में वे सेवाएं देने में आनाकानी कर रहे हैं।
अफसरों ने डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश
सीएचसी में कार्यरत कई गाइनकोलॉजिस्ट पूरे माह में एक-दो केस ले रही हैं, जबकि आदेश महीने में पांच केस लेने का है। इसे लेकर अफसरों ने गाइनकोलॉजिस्ट के जरिये माह भर में कराए गए सिजेरियन का रिकार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थिति का पता चल सके।