आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) की कानपुर यूनिट ने बृहस्पतिवार को उप्र. लघु उद्योग निगम (यूपीएसआईसी) के लखनऊ के पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीकृष्ण त्रिपाठी को राजधानी के चिनहट से गिरफ्तार किया। त्रिपाठी पर क्लोरीन टैबलेट व अन्य सामग्री की सप्लाई के नाम पर करोड़ों के गबन करने का आरोप है। उनके खिलाफ 2008 में लखनऊ व कानपुर में गबन, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार व साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
ईओडब्ल्यू के डीजी राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि मेसर्स इरा इंटरप्राइजेज, लखनऊ के प्रोपराइटर विनोद कुमार पांडेय ने उद्योग निदेशालय से फर्जी प्रमाण पत्र हासिल कर यूपीएसआईसी लखनऊ के क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीकृष्ण त्रिपाठी के साथ मिलीभगत कर क्लोरीन टैबलेट की सप्लाई एवं अन्य सामग्री की आपूर्ति की थी। इसमें 4 करोड़ 56 लाख, 93 हजार, 636 रुपये के सरकारी धन का गबन कर लिया गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद उक्त दोनों के अलावा पांच अन्य के खिलाफ लखनऊ के सरोजनीनगर व कानपुर के काकादेव थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
विवेचना सही न होने के चलते 2010 में शासन ने दोनों विवेचनाएं ईओडब्ल्यू की कानपुर शाखा को ट्रांसफर कर दिया था। ईओडब्ल्यू की टीम ने गुरुवार को श्रीकृष्ण त्रिपाठी को चिनहट स्थित अशरफ कॉलोनी से गिरफ्तार कर कानपुर ले गई और वहां से जेल भेज दिया गया। वहीं, इरा इंटरप्राइजेज के मालिक समेत छह लोगों की तलाश में दबिश दी जा रही है।