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लखनऊ में बाढ़: सीएम ने किया हवाई दौरा, फैजुल्लागंज से नैमिष तटबंध बनाने की घोषणा; पीड़ित परिवारों से मिले

Tue, 06 Oct 2026 07:17 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Flood in Lucknow: मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वे भी किया। उन्होंने बीकेटी में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री बांटी।  उन्होंने यहां  40 किलोमीटर लंबा फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाने की घोषण की। 
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सीएम योगी ने किया हवाई दौरा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 राजधानी में बाढ़ से बचाव के लिए करीब 40 किलोमीटर लंबा फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है। मानसून समाप्त होने के बाद धनराशि जारी कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर बनने वाले इस तटबंध के ऊपर एक रास्ता बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को गोमती किनारे सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए पंपिंग सेट लगाए जाएंगे। इनसे नदी का जलस्तर बढ़ने पर आबादी क्षेत्र में जमा पानी बाहर निकाला जा सकेगा।

योगी ने किया बीकेटी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा
मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वे भी किया। उन्होंने बीकेटी में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री बांटी। राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को स्कूलों व मैरिज हॉल में बनाए राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश दिए। शिविरों में दोनों समय गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार और पशुओं के लिए भूसा और चोकर उपलब्ध कराने को कहा। सीएम ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता मिलेगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के पात्र परिवार को आवास योजना से घर दिया जाएगा। पशुहानि की भरपाई और फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को मुआवजा मिलेगा।
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बाढ़ प्रभावित राहत शिविरों में, खाली घरों की निगरानी

पीड़ित परिवारों से मिले सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।
राजधानी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावितों को राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा, शिविरों में गए परिवारों के खाली घरों की सुरक्षा के लिए पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी और चौकीदार रात में गश्त करेंगे। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रहेगा। कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन भी मिलेगा। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर भी लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को 26 जरूरी वस्तुओं वाली राहत किट दी जा रही है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल, एक लीटर तेल, नमक, मसाले और बरसाती जैसे सामान शामिल हैं। राहत शिविरों में बिजली न होने पर पेट्रोमैक्स और सोलर लाइट की व्यवस्था होगी।

रक्षा मंत्री ने फोन कर ली जानकारी
रक्षा मंत्री व शहर सांसद राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन कर राजधानी में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश से गोमती का जलस्तर बढ़ा है। पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। इससे बीकेटी, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक बाढ़ जैसे हालात बने हैं।
 
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