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लखनऊ: महिला प्रोफेसर को 22 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, 78.5 लाख ऐंठे; सीबाईआई अधिकारी बनकर बात करते रहे ठग

Wed, 26 Mar 2025 08:28 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Digital arrest in Lucknow: लखनऊ में एक निजी कॉलेज की महिला प्रोफेसर को जालसालों ने 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर लाखों रुपए वसूल कर लिए। 
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डिजिटल अरेस्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर ठग ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर इंदिरानगर के लक्ष्मणपुरी विस्तार निवासी निजी कॉलेज की प्रोेफेसर प्रमिला मानसिंह को 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। आरोपी ने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी बताकर 78.50 लाख रुपये ठग लिए। खास बात ये भी है कि डिजिटल अरेस्ट के दौरान प्रोफेसर कई लोगों से मिलीं भी, लेकिन डर की वजह से किसी को कुछ नहीं बताया। 

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प्रमिला मानसिंह के मुताबिक, वह अविवाहित हैं। एक मार्च को सुबह 10 बजे अनजान नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। कहा कि दिल्ली में उनके नाम से कई बैंक अकाउंट खुले हैं। प्रमिला ने इसे नकारा तो ठग ने जांच के नाम पर उनका आधार नंबर और बैंक अकाउंट की पूरी जानकारी ले ली। कुछ देर बाद फिर से वीडियो कॉल कर मनी लॉन्ड्रिंग के केस में दोषी बताते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी। 

आरोपी ने कहा कि अगर कार्रवाई से बचना चाहती हो तो जांच में सहयोग करना होगा। किसी से बात नहीं करनी होगी। ठग ने प्रमिला से लगातार व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क रखा और उन पर मानसिक दबाव बनाया। 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट के दौरान महिला ने डरकर 78.50 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि पीड़िता ने जिन अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए, उनकी जांच जारी है।

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पिस्टल सटाकर आढ़ती से 46 हजार लूटे, भागा तो पैर में मारी गोली

 दुबग्गा सब्जी मंडी में शुक्रवार को दबंग ने काकोरी के बहरू गांव निवासी आढ़ती भूपेंद्र प्रताप उर्फ रोहित की कनपटी पर पिस्टल सटाकर 46 हजार रुपये लूट लिए। पीड़ित भागा तो पैर में गोली मार दी। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। डर के कारण दो दिन पुलिस से शिकायत नहीं की। रविवार को उनके पिता ने केस दर्ज कराया। इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा के मुताबिक घटना का कारण नहीं पता चल सका है।

भूपेंद्र के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब सात बजे दोस्त केवल ने दुबग्गा सब्जी मंडी बुलाया था। वहां पहुंचने पर भूपेंद्र ने देखा कि बालागंज निवासी आढ़ती छोटू मिश्रा उर्फ रब्बू साथियों के साथ शराब पी रहा था। वहां केवल भी मौजूद था। आरोप है कि छोटू गाली-गलौज करने लगा। विरोध पर आरोपियों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। छोटू ने कनपटी पर पिस्टल सटाकर जेब में रखे 16 हजार रुपये लूट लिए। इसके बाद ऑनलाइन 30 हजार रुपये साथी मो. शफीक के खाते में ट्रांसफर करा लिए।
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जुआ खेल रहे दबंगों ने दोस्तों को पीटा, लूटी चेन

जानकीपुरम निवासी आशीष तिवारी ने 35 लोगाें के खिलाफ उन्हें व उनके दोस्तों प्रथम और कुणाल वर्मा को पीटने व फायरिंग करने का आरोप लगाते हुए दुबग्गा थाने में केस दर्ज कराया है। आशीष के मुताबिक 22 मार्च को शाम पांच बजे दोस्त कुणाल व दीपक के साथ सब्जी मंडी गए थे। इस बीच दीपक व कुणाल धोखे से पानी की टंकी के पास पहुंच गए। वहां 35 लोग जुआ खेल रहे थे। सभी ने बेवजह दोनों को पीट दिया। विरोध पर फायरिंग भी की। गनीमत रही की उनकी जान बच गई। कुणाल भाग आया, पर दीपक फंस गया। आशीष अपने साथी प्रथम व कुणाल के साथ दीपक को छुड़ाने पहुंचे। आरोपियों ने तीनों को पीट दिया और आशीष की चेन लूट ली। इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा के मुताबिक तफ्तीश चल रही है।
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