आरोपी झोलाछाप नेहा वर्मा व बरामद की गईं दवाइयां।
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लखनऊ के माल ब्लॉक में रुपयों के लालच में झोलाछाप ने गर्भवती का गलत इलाज कर मरणासन्न हालत में पहुंचा दिया। मरीज की हालत बिगड़ने पर तीमारदारों ने हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे अधीक्षक ने मरीज को सीएचसी पहुंचाया। जांच में आरोपी झोलाछाप कोई प्रमाणपत्र नहीं दे सकी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. केडी मिश्र ने दवाइयां, इंजेक्शन और गर्भपात करने के औजार जब्त कर क्लिनिक सील कराया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
अहिडर गांव निवासी नहक्के की गर्भवती पत्नी नहक्की (34) की शनिवार सुबह अचानक तबियत बिगड़ी गई। वह पत्नी को सीएचसी ले जाने के प्रबंध में जुटा था। इसी बीच गांव में अवैध क्लिनिक चलाने वाली गोड़वा गांव निवासी नीतू वर्मा सहयोगियों के साथ आ धमकीं। तीमारदारों को सामान्य तकलीफ बताकर उन्होंने मरीज को अपने क्लिनिक ले जाकर भर्ती कर लिया। इसके बाद ताबड़तोड़ कई इंजेक्शन लगाए। पति से मोटी रकम भी ऐंठ ली।
कुछ देर बाद महिला की हालत बिगड़ गई। उसे रक्तस्राव होने लगा और नब्ज धीमी होने लगी। इससे घबराई झोलाछाप नीतू ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कह पल्ला झाड़ लिया। मरीज की हालत देख परिवारीजन हंगामा करने लगे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो चुके थे। ग्रामीणों ने सीएमओ, सीएचसी अधीक्षक और पुलिस को सूचना दी। सीएचसी की टीम के साथ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केडी मिश्र मौके पर पहुंचे।
गर्भवती क्वीन मेरी में भर्ती, हालत नाजुक
पड़ताल करते सीएचसी प्रभारी व बरामद सामान।
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उन्होंने एंबुलेंस बुलाकर मरीज को सीएचसी भेजवाया, जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे क्वीन मेरी रेफर कर दिया। क्वीन मेरी अस्पताल में मरीज की हालत नाजुक बनी हुई है। अधीक्षक की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी झोलाछाप नीतू वर्मा को हिरासत में लिया है।
मुकदमा दर्ज करने के साथ होगी कार्रवाई
जांच के दौरान क्लिनिक से दवाइयां, इंजेक्शन और गर्भपात करने की किट पाई गई है। सभी सामग्री को जब्त कर क्लिनिक को सील कराया गया है। झोलाछाप नीतू वर्मा, क्लिनिक चलाने और इलाज करने का कोई प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाईं। पूछे गए सवालों का वह कोई जवाब भी नहीं दे सकीं। पुलिस को मुकदमा दर्ज करने को तहरीर दी गई है। - डॉ. केडी मिश्र, सीएचसी अधीक्षक