गोमती किनारे रिवर फ्रंट डवलपमेंट स्कीम की एक कल्पना को अब जनेश्वर मिश्र पार्क में साकार किया जाएगा।
इस पार्क में लंदन की टेम्स में नदी के तट पर स्थापित ‘लंदन आई’ झूले की तर्ज पर ‘लखनऊ आई’ झूला लगाया जाएगा।
इस सबसे ऊंचे झूले के जरिए यहां आने वाले दर्शकों को शहर का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी हामी भर दी है।
इस झूले को स्थापित करने का काम अब काफी तेजी से किया जाएगा। इसको लगाने पर होने वाले खर्च का आंकलन करने का आदेश दे दिया गया है।
करीब दो साल पहले ‘लखनऊ आई’ झूला लगाने की कल्पना अधिकारियों की दिमाग में आई थी।
तब गोमती रिवर फ्रंट स्कीम के आर्किटेक्ट की ओर से यह झूला रिवर फ्रंट डवलपमेंट स्कीम में लगाने की योजना बनाई गई थी।
आर्ट्स कॉलेज के पास ये झूला लगाने के लिए डिजाइन भी पास कर दिया गया था। करीब 150 मीटर ऊंचे इस झूले के जरिए पूरे लखनऊ का दिलकश नजारा लिया जा सकेगा।
लंदन में टेम्स नदी के तट पर इसी तरह का झूला लगा हुआ है, जिसको ‘लंदन आई’ कहा जाता है। गोमती रिवर फ्रंट डवलपमेंट स्कीम का स्वरूप अब बहुत छोटा कर दिया गया है।
इसके तहत यह केवल 1.8 किलोमीटर में डालीगंज पुल से हनुमान सेतु पुल तक ही हो रहा है।
इसके लिए मात्र 30 करोड़ रुपये का बजट है। ऐसे में ये झूला यहां नहीं लगाया जाएगा। इसके लिए जनेश्वर मिश्र पार्क को उपयुक्त माना गया।