जब से वर्टिकल व्यवस्था लागू हुई, तब से बिजली चोरी करने वालों की कोई खैर-खबर लेने वाला नहीं बचा। कहने को एक्सईएन (रेड ) बिजली चोरी बनाए गए, मगर वह खानापूर्ति कर रहे हैं। इससे प्रचंड गर्मी में बिजली चोरों ने व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। बिजली चोरों की कारस्तानी से आम उपभोक्ता की रातों की नींद उड़ गई है। इसकी वजह शाम 7 बजते ही कटियाबाजी शुरू कर देते, जिससे ट्रांसफार्मर हांफने लगते और एबीसी पटाखों की तरह दगने लगती है। भले ही, ये चंद उदाहरण, मगर राजधानी में शहर से गांव तक 150 से ज्यादा जगहों पर नियोजित तरीके से 50 से 200 लोग बिजली चोरी कर रहे हैं।
यहां खुलेआम बिजली चोरी
ठाकुरगंज के करीमगंज, यासीनगंज, महबूबगंज, वजीरबाग, मौज्जमनगर, चौपटिया, दौलतगंज, नूरबाड़ी, खदरा, मनकामेश्वर मंदिर रोड बंधा, रेलवे लाइन किनारे, तेलीबाग, निलमथा, उतरेठिया बिजनौर, चिनहट, आईआईएम रोड, फैजुल्लागंज आदि में खुलेआम बिजली चोरी हो रही है।
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धूं-धूं कर जल रहे ट्रांसफार्मर
कबीरनगर, एफसीआई, दुबग्गा, बसंतकुंज उपकेंद्र के सिकरौरी, महिपतमऊ, सेक्टर आई, आवास विकास पारा, बुद्धेश्वर, नरौना, फरीदीपुर, सलेमपुर पतौरा, कबीरनगर, हंसखेड़ा आदि में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी होने के कारण चार 400 केवीए के ट्रांसफार्मर व एबीसी धूं-धूं कर जल गई। दरअसल, कटियाबाजी के कारण एबीसी के एक फेज पर ओवर लोडिंग और ट्रांसफार्मर के अन बेलेंस होने के कारण आग लगने की घटनाएं हो रही हैं।