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Lucknow: बुजुर्ग को 15 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, वसूले 92 लाख रुपये... जेल भेजने की दी धमकी

Thu, 08 Jan 2026 10:34 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में साइबर ठगों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 15 दिन तक डराया और 92 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर जेल भेजने की धमकी दी। 
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साइबर अपराधी लोगों को कर रहे डिजिटल अरेस्ट - फोटो : social media
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विस्तार
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साइबर ठगी के मामले कम नहीं हो रहे हैं। ठगों ने वरिष्ठ नागरिक को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख 92 लाख रुपये वसूल लिए। रिशिता अपार्टमेंट गोमतीनगर विस्तार में रहने वाले 78 वर्षीय जयंत कुमार सिंह को ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर डराया था। 

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पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि 19 दिसंबर को जयंत कुमार सिंह के पास अंजान नंबर से वीडियो कॉल आई थी। 

कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अफसर बताया। ठग ने कहा कि आपके खिलाफ मुंबई में केस दर्ज है। आपके आधार का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। ठग ने जेल भेजने की धमकी देकर व्हाट्सएप पर कोर्ट का वारंट भेजा। वारंट देखकर जयंत डर गए। 
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ठगों ने जयंत को मामले की जांच का झांसा दिया। इसके बाद कुछ बैंक खाते भेजे। ठगों ने कहा कि आप रकम इन खातों में डाल दीजिए। छानबीन के बाद रुपये आपको वापस कर दिए जाएंगे और क्लीन चिट दे दी जाएगी।

डरकर जयंत ने दो जनवरी तक अलग-अलग खातों में 92 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी जालसाज उनसे और रुपयों की मांग करते रहे। दो जनवरी को पीड़ित ने ठगों का फोन काट दिया और फिर परिजनों को मामले की जानकारी दी। घरवालों से बात करने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद वह साइबर क्राइम थाने में शिकायत लेकर पहुंचे।

आप सीनियर सिटीजन हैं, आपकी मदद होगी

पीड़ित ने बताया कि जालसाजों ने उन्हें मदद का झांसा दिया। ठगों ने कहा कि आप सीनियर सिटीजन हैं। ऐसे में आपको गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। आपके मामले की छानबीन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से आपकी बात कराई जाएगी। ठगों ने इस दौरान किसी से भी बात नहीं करने के लिए कहा था। झांसे में आकर जयंत घर में चोरी-छिपे ठगों से बात करते रहे और ठगी के शिकार हो गए।

डिजिटल अरेस्ट से ऐसे करें बचाव

अगर आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। कॉल करने वाला शख्स यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है...तो तुरंत सतर्क हो जाएं। यह कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।

डिजिटल अरेस्ट। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

यहां करें शिकायत

यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

निवेश के नाम पर जालसाजों ने दो लोगों से ठगे 1.20 करोड़ रुपये

साइबर जालसाजों ने शेयर मार्केट व फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर दो लोगों से करीब 1.20 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगी का शिकार हुए लोगों ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। अब पुलिस जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, उनके बारे में पता लगा रही है।

कृष्णानगर के रामगढ़ कॉलोनी निवासी संजय मेहरोत्रा के अनुसार मई 2025 में उनके पास बेंगलुरू निवासी श्वेता पांडेय नाम की महिला ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। उन्होंने उसको स्वीकार कर लिया। इसके बाद श्वेता ने उनको फॉरेक्स ट्रेडिंग के बारे में बताया और निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने की बात कही। श्वेता की बातों में आकर संजय इस बात के लिए राजी हो गए। उन्होने श्वेता के बताए गए खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। 

इसी तरह मुंबई निवासी अवनी वर्मा और कोलकता निवासी नैना गुप्ता ने भी फॉरेक्स में निवेश के नाम पर उसने 71.37 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए। कुछ दिनो के बाद जब उन्होंने निवेश की गई रकम वापस मांगी तो जालसाज निकासी के नाम पर और रुपये की डिमांड करने लगे। 
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साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया

संजय ने जब छानबीन की तो पता चला कि उनके साथ ठगी की गई है। इस मामले में उन्होंने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश यादव ने बताया कि पीड़ित ने जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए थे, उनके बारे में पूरी जानकारी बैंक से मांगी गई। पीड़ित ने तीन मोबाइल नंबर भी दिए हैं। सर्विलांस की मदद से मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है।

इसके अलावा गोमतीनगर के विवेकखंड निवासी प्रीति राज के मुताबिक 12 जून 2025 को उनके पति राजेश सक्सेना के पास अक्षरा बालाकृष्णन नाम की युवती ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। राजेश ने उसको स्वीकार कर लिया। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। 

कुछ दिन बाद अक्षरा ने राजेश से ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए कहा। राजेश ने ट्रेडिंग की जानकारी न होने की बात कही, पर अक्षरा ने उन पर दबाव डाला और मोटा मुनाफा दिलाने की बात कही। अक्षरा की बातों में आकर राजेश ने निवेश करना शुरू किया। 

निवेश करने पर अक्षरा व्हाट्सएप पर उनको मुनाफे की डिटेल शेयर कर दिया करती थी। इस तरह अक्षरा के बहकावे में आकर राजेश ने 49.20 लाख रुपये निवेश कर दिए। निवेश की रकम पर उनको तीन करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया गया। 

राजेश ने जब अपने रुपये मांगे तो उनसे और रुपये की मांग की गई। ठगी का शिकार हुए राजेश की पत्नी प्रीति ने सात जनवरी को साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश यादव ने बताया कि ठगी की रकम जिन खातों में भेजी गई है, उनकी डिटेल संबंधित बैंक से मांगी गई है।
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