राजधानी लखनऊ की सड़कों पर दौड़ रहीं आठ रूटों की सिटी बसें अब निर्धारित 40 ठहराव स्थल पर ही रुकेंगी। सिटी ट्रांसपोर्ट के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक अमरनाथ सहाय ने इसके निर्देश जारी किए।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि वर्तमान में बसें जहां-तहां रुकने से न केवल जाम की स्थिति बनती है, बल्कि बस शेल्टर पर इंतजार कर रहे यात्रियों को भी परेशानी होती है। इसलिए बस चालकों और परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बस शेल्टर पर ही बस रोकें। इसकी जिम्मेदारी डिपो इंचार्ज और ड्राइवरों की होगी। एक सप्ताह बाद इस व्यवस्था का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। जल्द ही इन स्टॉपेज पर बसों के आवागमन की समयसारिणी भी प्रदर्शित की जाएगी।
ये भी पढ़ें - कॉलेज जाने वाली लड़कियों को मिलनी थी स्कूटी, घोषणा के साल भर बाद में भी नहीं शुरू हुआ काम; जानिए डिटेल
ये भी पढ़ें - सीएम योगी बोले: संपत्तियों के लंबित भुगतान वसूलने के लिए लागू करें ओटीएस योजना, डिफॉल्टरों को मिलेगी राहत
यहां रुकेंगी ई सिटी बसें
आलमबाग मेट्रो स्टेशन, मवईया, टेढीपुलिया, अवध चौराहा, अमौसी मेट्रो, पारा चौकी, चारबाग स्टेशन दोनों ओर, पॉलीटेक्निक चौराहा वेव सिनेमा के सामने, सहारा बाजार के सामने, फन मॉल, शहीद स्मारक, हैनीमैन चौराहा, रजनीखंड, स्मृति उपवन, बाराबिरवा, मंत्री आवास, दयाल चौराहा, नादरगंज, अलीगंज आदि मार्गों पर सिटी बसों के स्टॉपेज तय किए गए हैं।
इन आठ रूटों की बसों के स्टॉपेज तय
- चौक घंटाकर से नैमिषारण्य
- ट्रांसपोर्टनगर से इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा
- शकुंतला विवि से जीपीओ
- बालागंज से कमता बस स्टेशन
- ट्रांसपोर्टनगर से टेढ़ीपुलिया
- सरोजनीनगर से कमता बस स्टेशन
- राजाजीपुरम से देवा रोड अपट्रान
- बालागंज से जीपीओ हजरतगंज
सिटी ट्रांसपोर्ट के प्रबंध निदेशक अमरनाथ सहाय का कहना है कि लखनऊ में सिटी बसों के ठहराव के लिए 40 शेल्टर तय किए गए हैं। इस संबंध में चालक-परिचालकों को निर्देश दिए हैं। ताकि बस स्टॉपेज पर ही रोकी जाएं, न कि सड़कों पर। इससे जाम की स्थिति से राहत मिलेगी और यात्रियों को भी सुविधा हो जाएगी।