वीरांगना आवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) में अवैध वसूली का खेल थम नहीं रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में एक बार फिर अवैध वसूली का पर्दाफाश हुआ है। नर्स और आया का प्रसुताओं के परिजनों से रुपये लेते हुए कैमरे में कैद हो गई हैं। आए दिन अवैध वसूली की बात सामने आ रही है।
अमर उजाला की पड़ताल में आठ नवंबर को एक महिला ने बताया कि उससे आठ दिन में छह हजार रुपये वसूले जा चुके हैं। वीडियो में महिला यह भी कह रही है कि मरीज को व्हील चेयर से बेड तक पहुचाने के बदले 100-200 रुपये देने पड़ते हैं।
साथ ही, जब प्रसूता को डिस्चार्ज करते हैं तब भी रुपये लिए बिना नहीं निकले देती हैं। भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने के बीच 10-15 कर्मचारियों और नर्सों को रुपये दे चुकी हूं। अगर इलाज अच्छे से करना है तो ऐसा करना पड़ता है। सभी को रुपये देने पड़ते हैं चाहे खुश होकर दे या दुखी होकर। गरीब होने की वजह से यहां आते हैं, लेकिन यहां भी खर्चा हो रहा है।
इससे पहले भी अमर उजाला की पड़ताल में डफरिन के रैन बसेरे में केयरटेकर की ओर से तीमारदारों से 200 रुपये वसूली करने का मामला सामने आया था। इसके बाद रैन बसेरे में शुल्क नहीं देने के लिए नोटिस चस्पा किया गया था।