राजधानी में शनिवार रात करीब पौने बारह बजे तेज आंधी एवं बारिश के कारण चार 33 केवी उपकेंद्र ठप हुए। कई जगह फॉल्ट भी आए। इससे पांच लाख की आबादी बिजली संकट की चपेट में रही। हालांकि, अभियंता व कर्मचारी पूरी रात काम करते रहे, जिससे कहीं पर देर रात ढाई बजे तो कहीं सुबह पांच बजे बिजली चालू हुई।
33 केवी के जो उपकेंद्र ठप हुए, वह अहिबरनपुर, दाउदनगर, गोयला चौराहा अलीगंज, निरालानगर हैं। इन उपकेंद्रों ये जुड़े 60 हजार कनेक्शनधारकों को रात करीब तीन घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा। अहिबरनपुर उपकेंद्र के दो 33 केवी फीडर बंद हुए, जिससे सीतापुर रोड, त्रिवेणीनगर, खदरा, ब्रह्मनगर, मोहन मीकिन रोड आदि के करीब 25 हजार उपभोक्ताओं की बिजली रात 1:45 बजे चालू हो सकी। दाउदनगर उपकेंद्र की बिजली रात 1:45 से सुबह 5:10 बजे तक बंद रही, जिससे 10 हजार परिवार प्रभावित हुए। इसी प्रकार गोयल चौराहा व निरालानगर उपकेंद्र के ठप होने से अलीगंज, निरालानगर का हिस्सा दो घंटे तक बिजली संकट की चपेट में रहा। जबकि गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर एक उपकेंद्र के तहत गोकुल विहार, जनेश्वर मिश्र पार्क, ग्रीनवुड अपार्टमेंट, सुलभ सेक्टर एक, वनस्थली, वरदान खंड एक व दो के उपभोक्ताओं की बिजली रविवार दोपहर 12 से एक बजे बंद रही।
फॉल्ट से यहां रहा संकट
11 केवी लाइन में फॉल्ट से निरालानगर, जानकीपुरम, विकासनगर, आईआईएम रोड, मकरंदपुर, बीकेटी, इटौंजा, सिसेंडी, राजाजीपुरम, आशियाना, कानपुर रोड, आलमबाग, ऐशबाग, नक्खास, नादान महल रोड, राजाबाजार, हुसैनाबाद, ठाकुरगंज, बालागंज, आजादनगर, इंदिरानगर, गोमतीनगर, चिनहट में बिजली आपूर्ति में अवरोध आया। पुल गुलाम हुसैन मंसूरनगर में 1000 एवं 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर की पेटी पानी में डूब गई जिससे रात 1 से सुबह 8 बजे तक बिजली बंद करनी पड़ी।
राहगीरों को करंट का झटका
मकबूलगंज में रविवार को खंभे में उतरे करंट से राहगीरों को झटका लगा। यह करंट शनिवार से खंभे में आ रहा है। हुसैनगंज उपकेंद्र पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी रविवार दोपहर तक करंट के उतरने की समस्या को दूर नहीं किया गया। इस करंट से गत शनिवार को एक मवेशी की मौत हो गई थी।
ट्रांसफार्मर दगा, सात घंटे बत्ती गुल
रहीमाबाद उपकेंद्र में शनिवार रात लगभग 11 बजे पावर ट्रांसफार्मर दगने से केबल में आग लग गई। इससे उपभोक्ताओं की सात घंटे बत्ती गुल रही। बिजलीकर्मी आग बुझाने के बाद बंद बिजली को चालू करने में जुटे। इस दौरान जिंदौर सहित आसपास के गांव रविवार सुबह 10 बजे तक बिजली संकट की चपेट में रहे।