किसी परेशानी में फंसे लोगों को बचाने वालों को जिला प्रशासन बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करेगा। लखनऊ महोत्सव के दौरान हर वर्ष बहादुरों को 50 हजार रुपये की नगद राशि व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
बहादुरी की अलग-अलग श्रेणियों में योग्य उम्मीदवार का चयन किया जाएगा। यह जानकारी जिलाधिकारी राजशेखर ने बृहस्पतिवार को दी।
डीएम ने बताया कि अक्सर ऐसा होता है कि सड़क दुर्घटना, आग लगने के हादसे, नेशनल हाइवे पर विपदा में फंसे लोगों को बचाने वाला कोई बहादुर नहीं मिलता।
लोगों को तड़पता देख अनदेखा कर दिया जाता है, क्योंकि लोग झमेले में नहीं पड़ना चाहते हैं। आम लोगों की इसी नकारात्मक सोच को बदलने के लिए प्रशासन ने अब किसी पीड़ित की मदद करने वाले बहादुरों को जिला स्तर पर बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला लिया है। ताकि युवा वर्ग ऐसे पीड़ितों की मदद के लिए खुद आए आए।