पुलिस सूत्रों के अनुसार, धीरेंद्र प्रताप सिंह को दो गनर मिले हुए थे। इनमें से एक गनर शनिवार को बीमार होने के कारण ड्यूटी पर नहीं आया था। आरोप है कि चालक रवि किशन ने साजिश के तहत दूसरे गनर को भी ड्यूटी पर न आने के लिए मना कर दिया था। एडीसीपी ने बताया कि दोनों गनर उन्नाव पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। जल्द ही दोनों से ड्यूटी पर न आने के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
एक फोन ट्रेन में रखकर पुलिस को किया गुमराह
धीरेंद्र प्रताप सिंह के पास दो मोबाइल फोन थे। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मोबाइल फोन ट्रेन में रख दिया था, ताकि उसकी लोकेशन लगातार बदलती रहे और पुलिस भ्रमित हो जाए। हुआ भी कुछ ऐसा ही। जब पुलिस ने धीरेंद्र प्रताप सिंह के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की तो पहले गोसाईंगंज, हैदरगढ़ और अमेठी के जगदीशपुर क्षेत्र में लोकेशन मिली। इसके बाद मोबाइल की आखिरी लोकेशन चंदौली में मिली।
धीरेंद्र प्रताप सिंह की कोई संतान नहीं है। उनकी पत्नी ममता को स्वास्थ्य संबंधी कुछ दिक्कतें हैं। रविवार को इसी संबंध में उनका ऑपरेशन होना था।
पूर्व विधायक सेंगर का करीबी बताया जाता था, भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल
धीरेंद्र प्रताप सिंह को उन्नाव की बांगरमऊ विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी बताया जाता था। बताया गया है कि कुलदीप सिंह सेंगर के लखनऊ जिला जेल में बंद रहने के दौरान धीरेंद्र प्रताप सिंह अक्सर उनसे मिलने जेल पहुंचते थे। वह उनके मुकदमों की पैरवी भी करते थे। सोशल मीडिया पर धीरेंद्र प्रताप सिंह की भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं।
हिंदू युवा वाहिनी के नेता की हत्या की अफवाह फैली
महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के बाद उनके हमनाम हिंदू युवा वाहिनी के नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की अफवाह सोशल मीडिया पर फैल गई। इसके बाद सैकड़ों लोगों ने हिंदू युवा वाहिनी के नेता को फोन करना शुरू कर दिया। उन्होंने सभी को अपने सकुशल होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने स्वयं के जीवित और सकुशल होने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।