शासन एवं प्रशासन की दो दिन की उठापटक के आखिरकार बुधवार को एलडीए ने चार बेगुनाहों की मौत और 16 लोगों के घायल होने से संबंधित होटल लेवाना सुइट्स सील हो गया। पुलिस प्रशासन और लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम ने बुधवार दोपहर संयुक्त रुप से कार्रवाई करते हुए बीते सोमवार को हुए अग्निकांड के बाद होटल लेवाना सुइट्स को सील कर दिया है। यह कार्रवाई प्राधिकरण के जोन छह के प्रवर्तन अधिकारी राजीव कुमार के नेतृत्व में की गई है।
अधिकारियों ने बताया की अग्निकांड की जब तक पूरे तरीके से जांच नहीं हो जाएगी तब तक यह होटल सील रहेगा। इस बीच उसे ध्वस्त करने के आदेश हो गये तो वह भी कार्रवाई होगी। दरअसल इस होटल को बीते मंगलवार को ही सील किया जाना था मगर प्रशासनिक जांच के चलते सील की कार्रवाई को रोक दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे विभाग की टीम जांच कर रही थी, जिससे मंगलवार को जोन छह के प्रवर्तन अधिकारी राजीव कुमार के अवकाश पर होने के कारण लिंक अफसर अरविंद त्रिपाठी टीम लेकर होटल को सील करने पहुंचे थे, जिनको वापस लौटना पड़ा था। बुधवार को जोन छह के प्रवर्तन अधिकारी राजीव अवकाश से वापस लौट आए हैं।
अग्निकांड के सभी पीड़ितों को अस्पताल से छुट्टी
अग्निकांड के सभी पीड़ितों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 16 लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इनमें से ज्यादातर को सोमवार देर शाम तक छुट्टी दे दी गई थी। बचे हुए लोगों को भी मंगलवार को छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में समस्या और आंखों में जलन की शिकायत थी। उनको इमरजेंसी वार्ड में रखकर इलाज दिया गया।
कुछ मरीजों की हालत खराब थी, लेकिन उपचार के बाद वे सामान्य हो गए। सबसे बुरी हालत में होटल के स्टाफ श्रवण और राजकुमार थे। इनको सांस लेने में समस्या थी और शुरुआत के कुछ घंटे बात करने से भी मना किया गया था। मंगलवार को इनकी हालत में सुधार होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।