फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: सीआरपीएफ जवान ने सरकारी राइफल से खुद को मारी गोली, नहीं मिला सुसाइड नोट; परिजनों ने की यह मांग

Fri, 10 Jan 2025 01:04 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Lucknow CRPF News: लखनऊ के आशियाना के पावर हाउस चौराहे स्थित 93 बटालियन सीआरपीएफ हेड क्वार्टर में तैनात जवान उपेंद्र कुमार सिंह (37) ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। 
विज्ञापन
लखनऊ में सिपाही ने की आत्महत्या। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

CRPF Jawan Shot Himself: आशियाना के पावर हाउस चौराहे स्थित 93 बटालियन सीआरपीएफ हेड क्वार्टर में तैनात जवान उपेंद्र कुमार सिंह (37) ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह सरकारी इंसास राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना के समय वह संतरी ड्यूटी कर रहे थे। खुदकुशी का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजनों ने जांच की मांग की है।

विज्ञापन


बिहार के छपरा लखपुरवा रसूलपुर निवासी उपेंद्र कुमार सिंह बटालियन परिसर में अकेले ही रहते थे। उनकी बृहस्पतिवार सुबह सात से नौ बजे गेट पर संतरी ड्यूटी थी। ड्यूटी खत्म होने से पंद्रह मिनट पहले ही उन्होंने संतरी पोस्ट के अंदर ठूड्डी के नीचे राइफल लगाकर गोली मार ली। गोली सिर के आरपार हो गई। गोली की आवाज सुनकर मौजूद लोग भागकर संतरी पोस्ट के अंदर पहुंचे। भीतर उपेंद्र लहूलुहान पड़े थे। पास में राइफल भी थी। सीआरपीएफ के जवान उनको लोकबंधु अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां से डॉक्टरों ने ट्राॅमा रेफर कर दिया। ट्राॅमा में डॉक्टरों ने उपेंद्र को मृत घोषित कर दिया।

विज्ञापन

जवान ने की आत्महत्या। - फोटो : अमर उजाला।

नहीं मिला सुसाइड नोट, राइफल जब्त

खबर पाकर एसीपी कैंट अभय मल्ल और इंस्पेक्टर आशियाना छत्रपाल घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम की मदद से छानबीन की गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुसाइड नोट नहीं मिला है। राइफल को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। पुलिस उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है।

नौ दिन पहले था जन्मदिन

उपेंद्र कुमार का एक जनवरी को जन्मदिन था। परिवार में पिता पारसनाथ, पत्नी रूबी, बेटा ऋषिकेश (14) और उज्ज्वल (11) हैं। उनके कुछ सहयोगियों ने बताया कि उपेंद्र का प्रमोशन होना था। वह शुक्रवार को इसके लिए जाने वाले थे। हालांकि, अचानक उन्होंने आत्महत्या क्यों कर ली, इस बात पर सभी हैरान हैं। सहयोगियों के अनुसार वह 2010 बैच के सिपाही थे और दो साल से 93 बटालियन सीआरपीएफ हेड क्वार्टर में तैनात थे। बृहस्पतिवार शाम को सीआरपीएफ के जवान पोस्टमार्टम कराने के बाद शव लेकर बिहार रवाना हो गए।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें