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Lucknow : सुबह-शाम सताएगी ठंड, दोगुना रफ्तार से चलेगी पछुआ, अभी गिरेगा पारा

Wed, 01 Feb 2023 01:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मंगलवार को 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी पारा गिरेगा और सुबह-शाम ठंड भी रहेगी। 
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सांकेतिक तस्वीर... - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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खिली धूप और खुलता मौसम खुशनुमा अहसास दे रहा है। तेज धूप में लोग अब हाफ स्वेटर से काम चला ले रहे हैं, पर पछुआ हवाएं अभी पूरी तरह ठंड से राहत देती नहीं दिख रही हैं। मंगलवार को 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी पारा गिरेगा और सुबह-शाम ठंड भी रहेगी। 

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आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, मंगलवार को अधिकतम तापमान 22.6 और न्यूनतम पारा 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन के पारे में 0.6 डिग्री की गिरावट रही, जबकि न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री बढ़ गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 30 जनवरी को लखनऊ में बूंदाबांदी हुई थी। अगले 48 घंटों में तेज उत्तरी पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आ सकती है। 

मौसम विशेषज्ञ एचर आर रंजन के मुताबिक फरवरी के पहले सप्ताह में सुबह-शाम ठंड महसूस होगी। साथ ही हवा की रफ्तार सामान्य दिनों की अपेक्षा दोगुना से अधिक होगी। हालांकि, बृहस्पतिवार के बाद इसकी गति थोड़ी कम होगी। 
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12 साल बाद इस जनवरी नहीं दिखा मौसम में खास बदलाव
जनवरी की सर्दी बीत गईं, मगर रिकॉर्ड से खाली रह गई इसकी झोली। बीते 12 वर्षों में जनवरी में मौसम में कई बदलाव रिकॉर्ड किए गए थे। मौसम विशेषज्ञों का कहना था कि 72 साल बाद लगातार तीन ला-नीना वर्ष होने से जनवरी में भी ठंड रिकॉर्ड बना सकती है और फरवरी में भी इससे निजात नहीं मिलेगी। फिलहाल जनवरी के लिए संभावनाएं सच नहीं हुईं। 

इस वर्ष जनवरी में अधिकतम तापमान 26 डिग्री तक गया। न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिरकर रुक गया। 2011 से 2022 तक के वर्षों को देखें तो अधिकतम पारा 29.3 डिग्री तक रहा है। सामान्यतया ठंड कितनी ज्यादा रही, इसका आकलन न्यूनतम तापमान में गिरावट से होता है। 

इस लिहाज से देखें तो 2011 में 0.8, 2013 में 0.7, 2010 में 0.1 और 2021 में 0.5 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान। बारिश की बात करें तो 2021 की जनवरी में 1 मिमी बारिश हुई थी। इस लिहाज से इस बार कुछ ज्यादा 4.6 मिमी हुई। हालांकि, अपेक्षित बारिश 14.8 मिमी थी। भूवैज्ञानिक डॉ. सीएम नौटियाल कहते हैं कि बहुत संभव है कि फरवरी में  बारिश मिले।

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