अदालत से चार साल की सजा होने एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने पर कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। अमीनाबाद खंडीय कार्यालय में तैनाती के दौरान अपने सहकर्मी से दस साल पहले करीब पांच हजार रुपये की घूस लेने के मामले में चार साल की सजा होने पर शनिवार बिजली कर्मचारी कार्यकारी सहायक संजीव कुमार यादव को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। संजीव यादव काफी समय तक निलंबित भी रहे हैं।
शनिवार को लखनऊ मध्य जोन के तहत चौक सर्किल के अधीक्षण अभियंता कमलेश कुमार चौधरी ने अदालत से सजा होने एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने पर संजीव कुमार यादव को नौकरी से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि 29 मार्च 2025 से गैर हाजिर चल रहे संजीव कुमार यादव के बारे में परिजनों से पता चला था, कि उनको 28 मार्च 2025 को जेल भेज दिया गया है।
जीपीएफ चेक देने के लिए ली थी घूस
अधीक्षण अभियंता के मुताबिक अमीनाबाद उपकेंद्र पर तैनात रहे तकनीकी कर्मी इश्तियाक अहमद निवासी मछली मोहाल के रिटायर होने पर उसके जीपीएफ के भुगतान का चेक देने के लिए संजीव कुमार यादव के द्वारा घूस देने का दबाव बनाया गया था। तकनीकी कर्मी ने इस प्रकरण की वर्ष 2015 में भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत कर दी थी। इस शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने तकनीकी कर्मी से घूस लेते हुए संजीव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था