शुक्रवार से पिलर बनाने के लिए शुरु होगी खोदाई, दूसरी जगह होने लगा पाइल कार्य
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केसरीखेड़ा उपरिगामी पुल के दोनो हिस्सों को जोड़ने के लिए बुधवार को एक पाइल का काम पूरा हो गया है। अब दूसरी जगह पर पाइल का कार्य शुरु कर दिया है। जहां पर पाइल का काम पूरा हो चुका, वहां पर शुक्रवार से पिलर बनाने के लिए खोदाई शुरु होगी। यह खोदाई करीब 20 मीटर गहराई तक की जाएगी।
सेतु निगम अफसरों के मुताबिक केसरीखेड़ा उपरिगामी पुल के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए चार पिलर बनाने पड़ेंगे, तभी दोनो हिस्से आपस में कनेक्ट हो सकेंगे। बुधवार को 12 नंबर पिलर के पाइल का कार्य पूरा होने पर मशीन 13 नंबर के पाइल का काम करने लगी है। 12 नंबर का पिलर उस कॉम्प्लेक्स के पास ही बनेगा, जहां से आगे का निर्माण अवरुद्ध हुआ था।
क्या होता पाइल : पाइल का मतलब मशीन के द्वारा तय मानक की गहराई तक सीमित चौड़ाई में खोदाई करना। इस खोदाई के दौरान व्यवधान आने की जानकारी हासिल होती। पाइल के बाद जितने दायरे में पिलर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित होता, उतनी चौड़ाई में पाइल की गहराई तक खोदाई करके उसके ढांचे को ढालने का काम शुरु होता है।
वैकल्पिक मार्ग शनिवार से बनाएंगे
लखनऊ-कानपुर रेलखंड के ऊपर बन रहे उपरिगामी पुल के दोनो हिस्सों को जोड़ने के लिए छह माह क लिए रेलवे क्रासिंग को बंद किया जाएगा। रेलवे क्रासिंग बंद होने से आबादी के लोगों का आवागमन वैकल्पिक मार्ग से होगा। सेतु निगम के द्वारा इस मार्ग को बनाने का काम शनिवार से शुरु किया जाएगा। यह काम करीब हफ्ते भर चलेगा। इस मार्ग के बनते ही क्रासिंग को बंद कर देंगे।