हमले में घायल हो थे दोनों पक्षों के वकील।
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वजीरगंज स्थित कचहरी के पास शनिवार देर रात वकीलों के दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग के मामले में दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फायरिंग का आरोप लगाया है। गोली लगने से घायल पहले पक्ष के मड़ियांव निवासी अधिवक्ता कुंवर अंबिका सिंह उर्फ डब्बू सिंह और दूसरे पक्ष के अधिवक्ता मलिहाबाद मिर्जागंज निवासी साकिब की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। दोनों ट्राॅमा में भर्ती हैं। डीसीपी का कहना है कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को मौके से दो खोखे और कुछ छर्रे मिले थे। एफएसएल की टीम ने खोखे व छर्रे कब्जे में ले लिए थे। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरा नहीं होन से सही घटनाक्रम का पता नहीं चल सका है। कुछ समय पहले भी दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी और उस वक्त भी एफआईआर दर्ज की गई थी। इसीके चलते शनिवार देर रात फायरिंग हुई थी।
एक-दूसरे पर लगाया फायरिंग का आरोप
शनिवार देर रात हुई घटना के मामले में पहली एफआईआर कुंवर अंबिका सिंह की तरफ से उनके साथी वकील मड़ियांव की श्रीनगर कॉलोनी निवासी तरुण सिंह ने साकिब व प्रतीक पहाड़ी के खिलाफ वजीरगंज थाने में दर्ज कराई है। आरोप है कि शनिवार देर रात वह अंबिका व अन्य के साथ चैंबर में बैठे थे। अंबिका लघुशंका के लिए जैसे ही चैंबर से बाहर निकले, पहले से कार में सवार प्रतीक व साकिब ने गाली-गलौज करते हुए गोली मार दी।
दूसरे पक्ष से घायल अधिवक्ता साकिब के भाई आलिम हसन ने अधिवक्ता अंबिका सिंह, तरुण सिंह और मनोज पांडेय के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोप है कि रात को साकिब साथी प्रतीक के साथ कचहरी का काम निपटाकर लौट रहा था। उसी वक्त आरोपियों ने जुए की मुखबिरी का आरोप लगाते हुए रोक लिया और मारपीट करते हुए साकिब पर गोली चला दी। आरोपियों ने साकिब की गाड़ी भी तोड़ दी।