बालाघाट उपकेंद्र के रस्तोगीनगर की बंद बिजली चालू करने की हड़बड़ी में मंगलवार रात बड़ा हादसा हो गया। बिजली संकट के विरोध में रात नौ बजे के करीब बालागंज चौराहे पर लोग जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान फॉल्ट दूर करने पोल पर चढ़े संविदाकर्मी सिकंदर लोधी (36) की 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। हादसे के दौरान मौके पर जेई और एसडीओ फॉल्ट सही करा रहे थे। मृतक के परिजनों ने विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ठाकुरगंज पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
इंस्पेक्टर श्रीकांत राय के मुताबिक, दौलतगंज निवासी संविदाकर्मी सिंकदर लोधी बालाघाट विद्युत उपकेंद्र पर संविदा पर लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। बेटे प्रिंस का कहना है कि मंगलवार रात करीब नौ बजे उपकेंद्र के पीछे अचानक फॉल्ट हो गया। जेई व एसडीओ उनके पिता को अपने साथ फॉल्ट ठीक कराने के लिए ले गए थे। उन्हें बिजली के पोल पर चढ़वा दिया। पोल पर दोहरी सप्लाई थी। आरोप है कि इस दौरान एक लाइन की बिजली सप्लाई बंद करवा दी गई, जबकि दूसरी लाइन में करंट दौड़ रहा था। जैसे ही पिता ने फॉल्ट ठीक करने के लिए हाथ आगे बढ़ाया वह करंट की चपेट में आकर झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवार में पत्नी सुनीता व बेटी मुस्कान भी है।
पत्नी को नौकरी और 7.50 लाख मिलेंगे
एक्सईएन दीपक कुमार ने बताया कि सिकंदर की पत्नी सुनीता को संविदा पर नौकरी देने के साथ विभाग से 7.50 लाख रुपये की मदद की जाएगी। अभी कर्मचारियों के सहयोग से 1.10 लाख की आर्थिक मदद की गई है।