कमांडेंट के मुताबिक सबसे पहले पता किया गया कि इमारत का नक्शा क्या है। फिर जो घायल निकले, उनसे पूछा गया कि उनके साथ के लोग हादसे के वक्त कहां-कहां पर थे। अंदाजा लगाया गया कि शाम का वक्त है तो लोगों के किचन या कमरे में होने की संभावना ज्यादा होगी। ऐसे में सबसे पहले कमरे व किचन की छत में ड्रिलिंग की गई। अधिकतर लोग यहीं पर मिले।
ट्रैकर डॉग भी मददगार साबित हुआ
एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम के साथ ट्रैकर डॉग भी थे। इनके जरिए यह ट्रेस करने का प्रयास किया गया कि लोग मलबे में कहां-कहां फंसे हैं। ट्रैकर डॉग की मदद से तीन से चार लोगों को ट्रेस कर निकाला गया।
अलाया अपार्टमेंट हादसा एक नजर में
- 5 मंजिला था अलाया अपार्टमेंट
- 12 फ्लैट व एक पेंटहाउस था अपार्टमेंट में
- 8 परिवार कुल रहते थे अपार्टमेंट में
- 16 लोग दबे थे मलबे में, 14 सुरक्षित निकाले गए, 2 महिलाओं की जान गई
- 7 घायलों को अस्पताल से मिली छुट्टी, 7 का इलाज जारी, डॉक्टरों के मुताबिक गंभीर कोई नहीं
- 3 बिल्डरों पर पुलिस ने दर्ज कराया केस हजरतगंज थाने में
- 1 आरोपी सपा के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर का बेटा नवाजिश शाहिद जेल भेजा गया
- 2 नामजद आरोपी मो. तारिक व फाहद याजदानी फरार हैं
- 700 के करीब जवानों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, इनमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकलकर्मी व पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया
- 48 घंटे लग सकते हैं अपार्टमेंट का मलबा हटाने में