अवैध रूप से रहती मिलीं थीं दो विदेशी युवतियां।
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सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में स्थित न्यू हजरतगंज अपार्टमेंट के कमरा नंबर 527 से पकड़ी गई उज्बेकिस्तान निवासी होलिडा और नीलोफर को फॉरेनर्स रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) की निगरानी में रखा गया है। सूत्र बताते हैं कि एक हफ्ते के अंदर ही दोनों को उज्बेकिस्तान डिपोर्ट कर दिया जाएगा। वहीं सुशांत गोल्फ सिटी पर तब दोनों की प्लास्टिक सर्जरी करने वाले डॉक्टर विवेक गुप्ता और शरण देने वाले कथित पत्रकार त्रिजिन राज का सुराग नहीं लगा सकी है।
डीसीपी दाक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपी विवेक गुप्ता और त्रिजिन राज के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है। उनके खिलाफ जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ दर्ज केस गंभीर धाराओं में नहीं है, ऐसे में गिरफ्तारी नहीं हो सकती है। जल्द दोनों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। दोनों के सामने आने पर ही इस बात का पता चल सकेगा कि उनका उज्बेकिस्तान निवासी होलिडा और नीलोफर से क्या संबंध था। डीसीपी ने बताया कि होलिडा और नीलोफर फिलहाल एफआरआरओ की निगरानी में हैं। सूत्र बताते हैं कि एक हफ्ते के अंदर सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर दोनों को उज्बेकिस्तान वापस भेज दिया जाएगा। दोनों युवतियों की प्लास्टिक सर्जरी डॉक्टर विवेक ने क्यों की और उसके लिए कितने रुपये लिए, यह बात भी अभी साफ नहीं हो सकी है। दोनों युवतियों ने सिर्फ इतना खुलासा किया है कि रशियन लुक पाने के लिए दोनों ने डॉक्टर को रुपये देकर सर्जरी कराई थी।
लोला कायूमोवा है असली सूत्रधार
पुलिस के सूत्र बताते हैं कि केस में नामजद आरोपी डॉक्टर विवेक गुप्ता की मुलाकात लोला कायूमोवा नाम की उज्बेक महिला से थाईलैंड हुई थी। इसके बाद लोला लखनऊ आ गई और त्रिजिन के साथ रहने लगीं। लोला ने भी दोनों युवतियों होलिडा और नीलोफर को लखनऊ दो साल पहले बुलाया था। पूछताछ में दोनों युवतियों ने यह बताया था कि करीब दो साल पहले उनके पासपोर्ट व वीजा से संबंधित दस्तावेज खो गए थे। दोनों लोला और त्रिजिन से मदद भी मांग थी। सूत्र बताते हैं लोला ने कई युवतियों को विदेश से लखनऊ बुलाया था। लोला के सामने आने पर ही इस बात का खुलासा हो सकेगा कि वह लखनऊ में कब से है और कितनी युवतियों ने उसने लखनऊ बुलाया था।
स्पा सेंटर में काम करती है विदेशी युवतियां
पुलिस व एलआईयू के सूत्र बताते हैं कि शहर में चल रहे अलग-अलग इलाके में स्पा व मसाज सेंटरों में थाईलैंड और उज्बेकिस्तान की कई युवतियां चोरी छुपे काम करती है। इनको बुलाने वाले लोग रहने व खाने की सारी व्यवस्था करते हैं। बदले में यह लोग युवतियों की कमाई से अपना कमीशन भी वसूलते हैं। हाल के ही दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में कई विदेशी युवतियों को पकड़ा गया जो स्पा सेंटरों में काम करते मिली थीं। हैरानी की बात यह है कि शहर में काफी समय में विदेशी युवतियों की मौजूदगी के बारे में न तो स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी है और ना ही एलआईयू को। इस बारे में जब डीसीपी एलआईयू का कार्यभार देख रहे डीसीपी मध्य आशीष श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विदेशी नागरिकों को बुलाने वालों को फार्म सी भरना होता है। इसके बाद जानकारी मिलती है कि कौन विदेशी नागरिक कब और क्यों आया। फार्म सी न भरने अपराध है और ऐसा न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।