हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने रेप के आरोपी गायत्री प्रजापति और उनके साथियों की जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने ये कहते हुए जमानत रद्द कर दी कि एडीजे कोर्ट ने जमानत देने में जल्दबाजी की थी।
बता दें कि सेशन कोर्ट ने गैंगरेप के आरोपी व यूपी सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति को पॉक्सो कोर्ट से जमानत दे दी थी। उनके दो साथी पिंटू और विकास को भी एक-एक लाख रुपए पर बेल मिली थी। गायत्री की जमानत के खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गायत्री प्रजापति समेत 5 लोगों के खिलाफ बीते 18 फरवरी 2017 को लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।गायत्री को बीते 15 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
गायत्री समेत अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 511, 376 डी पॉक्सो एक्ट 3/4 में मामला दर्ज हुआ था।
बता दें कि एक महिला ने गायत्री प्रजापति और उसके साथियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। पीड़ित महिला के मुताबिक तीन साल उसकी गायत्री प्रजापति से मुलाकात हुई थी।
तभी मंत्री ने चाय में नशे की दवा मिलाकर उसे बेहोश कर दिया था। महिला ने आरोप लगाया कि नशे की हालत में उसके साथ रेप किया गया और उसकी वीडियो क्लिप भी बनाई गई। महिला ने गायत्री और उसके साथियों पर अपनी नाबालिग बेटी के भी शोषण का आरोप लगाया था।