स्मार्ट सिटी परियोजना की दौड़ में लखनऊ को और आगे करने के लिए नगर निगम कोशिशें तेजी से शुरू हो गई हैं। जिसमें न केवल जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र और पंजीयन व्यवस्था को प्रभावी तरीके से ऑनलाइन किया जाएगा। बल्कि हाउस टैक्स लोग आसानी से घर बैठे ही इंटरनेट के जरिए जमा कर सकें,इसकी भी व्यवस्था होगी।
जल संस्थान में भी यही सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पूरे शहर के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में भी जीपीएस सिस्टम लगेगा।
जिससे नगर निगम में बैठे बैठे ही पता चल सकेगा कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी कहां हैं। एक महीने के भीतर ये सारे इंतजाम नगर निगम लागू कर देगा।
जिसको लेकर बैठकों और कार्यवाही का दौर जारी है। महापौर डॉ.दिनेश शर्मा इन दिनों स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर राजधानी की व्यवस्था में कमियां खत्म करने की कोशिशों में लगे हैं।
जिसको लेकर नगर निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को एक महीने की समय सीमा दी गई है। फिलहाल राजधानी को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल करने को लेकर प्रदेश में सबसे अधिक अंक मिले हैं। 80 फीसदी अंकों के साथ राजधानी पास हुई है मगर अभी भी कई कमियां हैं।
पूरे शहर में बजेगी कूड़ा उठाने वाले की सीटी
अगले एक महीने के भीतर में पूरे शहर को कूड़ा निस्तारण परियोजना में शामिल किया जाएगा। फिलहाल आधे वार्डों में ही कूड़ा निस्तारण परियोजना का संचालन किया जा रहा है।
शिवरी में नगर निगम का प्लांट शुरू होने की कगार पर है।
ऐसे में उसके शुरू होते ही पूरे शहर से कूड़ा उठाने का आगाज हो जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों में भी जीपीएस सिस्टम लगेगा ताकि, लोकेशन लगातार मिलती रहे।
जन्म मृत्यु पंजीकरण को अगले एक महीने में ऑनलाइन करने का लक्ष्य अधिकारियों को दिया गया है। ये व्यवस्था अभी बहुत ही निष्प्रभावी है।
लोगों को प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम के चक्कर काटने पड़ते हैं। ये खत्म करने के लिए ऑनलाइन इंतजाम किए जा रहे हैं। दूसरी ओर कर भुगतान की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन करने के लिए भी अधिकारियों को आदेश दिया गया है।
जल संस्थान में भी होंगे ऐसे ही इंतजाम
इसके साथ ही जल संस्थान में भी ऐसे ही इंतजाम किए जाएंगे। एक महीने का समय इसके लिए संस्थान के जीएम राजीव बाजपेई को दिया गया है।
उनको कहा गया है कि,पानी का बिल जमा करने कनेक्शन संबंधित सभी इंतजाम ऑन लाइन किये जायें। ताकि, स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल होने को लेकर जो कमी रह गई है,वह भी खत्म हो जाए।
महापौर डॉ.दिनेश शर्मा कहते हैं कि एक महीने के भीतर जो भी कमियां हैं,उनको दूर किया जाएगा। नगर निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को सबसे अधिक ध्यान व्यवस्थाओं को ऑनलाइन करने पर देना होगा। जिसकी कोशिशें जारी हैं। प्रस्ताव भेजने से पहले सब कुछ तैयार हो जाएगा।