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लखनऊ: बच्चों के बीच पहुंचे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, कहा- जल्दी सोएं और उठें; टाइम टेबल बनाकर करें पढ़ाई

Tue, 26 Aug 2025 08:17 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Astronaut Shubhanshu Shukla: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला सोमवार से अपने होम टाउन लखनऊ में हैं। मंगलवार को वह विभिन्न कार्यक्रमों में शरीक हुए। 
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बच्चों के बीच शुुुुभांशु शुक्ला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अंतरिक्ष की कामयाब यात्रा के बाद अपने गृह नगर लखनऊ लाैटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु इस वक्त सबकी आंखों का तारा बने हुए हैं। राजधानी के हर निवासी को उनकी ऐतिहासिक उपलिब्ध पर गर्व है, जैसे यह उनकी अपनी उपलिब्ध हो। मंगलवार को शुभांशु ने इंदिरागांधी नक्षत्रशाला में सीएमएस और अटल आवासीय विद्यालय मोहनलालगंज के बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों के संग नक्षत्रशाला में एक शो भी देखा। अपने संबोधन के बाद बच्चों के सवालों का धैर्य के साथ जवाब दिया। बच्चों के बीच जैसे शुभांशु अपने बचपन में लाैट गए। सीएमएस की ओर से चुने गए कुछ कुछ बच्चों को उन्होंने प्रशस्ति पत्र भी बांटे।

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दिए सफलता के मंत्र, कहा- जल्दी सोएं और जल्दी उठें
नक्षत्रशाला में शुभांशु ने अपने संबोधन में सीएमएस और अटल आवासीय विद्यालय मोहनलालगंज के बच्चों को लगन से पढ़ाई करने को प्रेरित किया। कहा कि विद्यार्थी जीवन में जल्दी सोएं और जल्दी उठने की आदत डालें। जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना है तो बड़े सपने देखें और गंभीरता से उसे हासिल करने के लिए परिश्रम करें। सपने सच होते हैं। कहा कि जीवन में अनुशासन और निरंतर मेहनत बहुत जरूरी है।

टाइम-टेबल बना कर करें पढ़ाई
शुभांशु ने बच्चों से कहा कि योजनाबद्ध तरीके से टाइम टेबल बना कर पढ़ाई करें। रोजाना पढ़ाई जो भी लक्ष्य बनाएं उसे फाॅलो जरूर करें। एक एक कदम आगे बढ़ते रहने से मंजिल मिल ही जाती है।
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बच्चों के सवालों का धैर्य से दिया जवाब
शुभांशु ने नक्षत्रशाला में माैजूद कुछ बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए। ज्यादातर बच्चों का सवाल था कि आपकी तरह अंतरिक्षयात्री कैसे बन सकते हैं। कक्षा 11 की छात्रा कनक शुक्ला ने पूछा कि जीवन में आपका रोल माॅडल काैन था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा उनके पहले आदर्श रहे। इसके बाद जीवन में अलग-अगल क्षेत्रों के कई लोग रोल माॅडल रहे। कक्षा-4 की छात्रा अलाइजा और कियारा ने पढ़ाई और जीवन में सफलता के टिप्स पूछे जिस पर उन्होंने कहा कि अनुशासन के साथ पढ़ाई और समय प्रबंधन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

शुभांशु की सादगी ने मोहा सबका मन
शुभांशु की इतनी बड़ी कामयाबी के बावजूद उनका डाउन टू अर्थ होना और उनकी सादगी की सभी तारीफ करते दिखे। नक्षत्रशाला में आए हुए बच्चे उनसे बेहद खुलकर मिले। सीएमएस के छात्र गुरूमीत सिंह, अभिनव जैन, शिवी कंसल, अटल आवासीय विद्यालय मोहनलालगंज की छात्राएं रोहिणी और आरुषी ने बातचीत में बताया कि शुभांशु ने बच्चों से बहुत प्यार से बात की और उनके सवालों के जवाब दिए।
मंगलवार को शहर की मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि शुभांशु के लिए हम जितना कर सकें वो कम होगा। हमने त्रिवेणी नगर की सड़क और एक पार्क का नाम शुभांशु के नाम करने का निर्णय लिया है। उनके लिए आगे और भी कुछ करने का विचार है।

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बोले इंदिरागांधी नक्षत्रशाला है बेस्ट प्लैनेटोरियम

शाम को परिवार सहित राज्यपाल से की मुलाकात। - फोटो : अमर उजाला।
उप्र विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद के प्रमुख सचिव पंधारी यादव, विशेष सचिव शीलधर सिंह यादव, संयुक्त निदेशक डाॅ. राजेश गंगवार ने बताया कि शुभांशु ने नवीनीकृत नक्षत्रशाला और यहां की उन्नत तकनीक की तारीफ की। उन्होंने इसे वन ऑफ द बेस्ट नक्षत्रशाला कहा।

गेस्ट हाउस में खाया सादा खाना, अपने पसंद की ब्लैक काॅफी पी
शुभांशु ने मंगलवार दोपहर को गेस्ट हाउस में सादा भोजन किया। इसके बाद अपने पसंद की ब्लैक काॅफी पी। दोपहर में दाल-चावल और पनीर की सब्जी उनके टेबल पर परोसी गई। गेस्ट हाउस में विशेष सुरक्षा के बीच उनकी पत्नी कामना, उनका बेटा कियांश के साथ ही उनके माता-पिता भी रह रहे हैं।

 
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