मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरी का कहना है कि बीच सड़क पर राजनैतिक कार्यक्रम में हनुमान जी का वेष धरे कलाकार का प्रदर्शन अशोभनीय है। किसी भी देवी-देवता का रूप धरकर सार्वजनिक रूप से ऐसा प्रदर्शन करना उचित नहीं है लेकिन आजकल धर्म को फैशन बना लिया गया है।
लेटे हुए हनुमान जी मंदिर के सेवादार रिद्धि किशोर गौड़ का कहना है कि हनुमान जी भक्ति, शक्ति, सेवा, ज्ञान और विनम्रता के अद्वितीय प्रतीक माने जाते हैं। कोई व्यक्ति इनका रूप धारण कर किसी भी पार्टी का झंडा लेकर नृत्य करता है तो यह निंदनीय है। सनातन के पक्षधर माने जाने वाले राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को कार्रवाई करनी चाहिए।
महाकाल मंदिर, राजेंद्र नगर के मीडिया प्रभारी अतुल मिश्रा का कहना है कि इस घटना से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। आराध्य देवों को राजनीतिक प्रचार का साधन बनाना अनुचित है। भाजपा को रोड शो और रैलियों के संबंध में तत्काल अनुशासन आचार संहिता जारी करनी चाहिए।