अमौसी एयरपोर्ट पर घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित प्रतिदिन 140 विमानों की आवाजाही है। इसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, बंगलुरु सहित खाड़ी देशों से आने-जाने वाली उड़ानें भी हैं। एयरपोर्ट सूत्र बताते हैं कि रनवे के दिन में आठ घंटे बंद होने से करीब 65 विमानों का संचालन प्रभावित होगा। इसमें 18 विमान कैंसिल हो सकते हैं। हालांकि, एयरलाइंस विमानों को रिशेड्यूल कर रही हैं। वहीं एयरपोर्ट प्रवक्ता का कहना है कि 132 विमानों का संचालन सुबह दस बजे से पूर्व व शाम छह बजे के बाद सामान्य ढंग से होगा। महज आठ विमानों का संचालन ही बाधित होगा।
इंडिगो कानपुर शिफ्ट करेगा उड़ानें!
एयरपोर्ट सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में सर्वाधिक उड़ानें इंडिगो की हैं। ऐसे में इंडिगो प्रशासन लखनऊ से संचालित होने वाली छह से आठ उड़ानों को कानपुर शिफ्ट कर सकता है। इससे कानपुर में विमान सेवाओं की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे ही एयर इंडिया, विस्तारा भी सेवाओं को रिशेड्यूल कर रही है। जल्द ही एयरलाइनें आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा करेंगी।
एयरपोर्ट सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में सर्वाधिक उड़ानें इंडिगो की हैं। ऐसे में इंडिगो प्रशासन लखनऊ से संचालित होने वाली छह से आठ उड़ानों को कानपुर शिफ्ट कर सकता है। इससे कानपुर में विमान सेवाओं की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे ही एयर इंडिया, विस्तारा भी सेवाओं को रिशेड्यूल कर रही है। जल्द ही एयरलाइनें आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा करेंगी।
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक रनवे की मरम्मत के दौरान 137 दिनों तक विमानों का संचालन दिन में बाधित होगा। इस दौरान दिल्ली, मुंबई सहित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित होंगी। करीब 65 विमानों का संचालन बाधित होगा, जिससे साढ़े चार महीनों में कुल करीब नौ लाख यात्रियों के सफर पर संकट आएगा। हालांकि, यात्रियों की सुविधा को देखते हुए विमानों की टाइमिंग में बदलाव किया जा रहा है।
1. रनवे की होगी रिकार्पेटिंग
एयरपोर्ट प्रवक्ता ने बताया कि रनवे की रिकार्पेटिंग(मेंटीनेंस) वर्ष 2018 में हुई थी। अब रिकार्पेटिंग के दौरान रनवे की मौजूदा परत हटाई जाएगी। इसके बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप डामर की नई परत चढ़ाई जाएगी। इससे रनवे पर लैंड व टेकऑफ करने वाले विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंकाओं पर विराम लगता है। रनवे और टैक्सी वे सहित कुल 1.80 लाख वर्ग मीटर में रिकार्पेटिंग की जाएगी।
2. समानांतर टैक्सीवे से बढ़ेगी क्षमता
एयरपोर्ट पर मौजूदा रनवे की लंबाई 2,744 मीटर व चौड़ाई 45 मीटर है। ऐसे में इस रनवे के समानांतर एक टैक्सी-वे(पी-9) बनाया जाएगा। विमानों को लैंडिंग के बाद टैक्सीवे पर लाया जाता है, जिससे रनवे खाली होने पर दूसरी फ्लाइट लैंड व टेकऑफ करती है। ऐसे में समानांतर टैक्सीवे बन जाने से विमानों को आसानी से रनवे पर लाया व हटाया जा सकेगा, जिससे विमानों का संचालन तीव्र व सुगम हो सकेगा। इससे सुरक्षा भी बढ़ती है।
3. एजीएल सिस्टम होगा उन्नत, बचेगी बिजली
अमौसी एयरपोर्ट पर साढ़े चार महीने के दौरान एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग (एजीएल) सिस्टम को उन्नत बनाने का काम भी किया जाएगा। इसमें हेलोजन को एलईडी में बदलना, साथ ही एयरफील्ड साइनेज का उन्नयन भी किया जाएगा, जिससे रनवे बेहतर हो सकेे। इससे विमानों की रात में रनवे पर लैंडिंग आसान होगी तथा एलईडी लगने से 50 प्रतिशत तक बिजली खपत कम होगी।