अंधेरे में डूबा 1090 चौराहे का इलाका।
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बुधवार की शाम चारबाग रेलवे स्टेशन पर भी मॉक ड्रिल हुई। यहां दिखा कि कुछ मुसाफिर ट्रेन के इंतजार में बैठे थे। उनके पास रखे कूड़ेदान में अचानक विस्फोट होता है। अचानक सायरन बजा और जीआरपी-आरपीएफ जवान मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर यात्रियों की मदद कर मुस्तैदी का परिचय दिया। यहां हमले की सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया, यात्रियों की सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार की कार्रवाईयों का प्रदर्शन हुआ। मॉक ड्रिल के दौरान एडीजी प्रकाश डी सहित पुलिस व जीआरपी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्लेटफार्म नंबर एक पर सुरक्षा व्यवस्था जांची। इससे पूर्व दोपहर में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा ने सुरक्षा तैयारियों को परखने व आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता को और मजबूत सुदृढ़ करने के लिए स्टेशनों का निरीक्षण किया।
अंधेरे में डूब गया पूरा अमौसी एयरपोर्ट
अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बुधवार शाम सात बजे मॉक ड्रिल हुई। तीन मिनट के लिए एयरपोर्ट के बाहरी हिस्सों की सभी लाइटों को बंद रखा गया। ऐसे में अगर कोई सैटेलाइट या आसमान से एयरपोर्ट देखे तो उसे नजर ही नहीं आएगा, जबकि यात्रियों को कोई समस्या न हो इसलिए भीतर की बत्तियां चालू रखी गईं।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने बुधवार को मॉकड्रिल के लिए ब्लैकआउट में हिस्सा लिया। इसके तहत आईटी कॉलेज मेट्रो स्टेशन पर पूरी तरह लाइट बंदकर ट्रेन रोक दी गईं। यहां ब्लैकआउट लगभग 15 मिनट के लिए हुआ। शाम 7.25 बजे से 7.40 बजे तक ट्रेन को रोके रखा गया। वहीं आगरा में 8 बजे मेट्रो के सभी स्टेशनों पर ब्लैकआउट हुआ। इन दोनों जगहों पर ट्रेनों का ऑपरेशन रोक दिया गया।