ढाई साल की दुष्कर्म पीड़िता का केजीएमयू में इलाज किया जा रहा है। पीड़िता के निजी अंगों में गहरे जख्म हो गए हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्ची की स्थिति पर नजर बनाए है।
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केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती ढाई साल की दुष्कर्म पीड़िता की शुक्रवार को सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने संक्रमण से बचाने के लिए पेट के रास्ते शौच का वैकल्पिक मार्ग बनाया है। निजी अंगों में गहरे जख्म होने के कारण फिलहाल सर्जरी संभव नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्ची की स्थिति पर नजर बनाए है।
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घटना के बाद पुलिस ने मासूम को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उसे केजीएमयू रेफर किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. जेडी रावत की निगरानी में इलाज चल रहा है। हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
डॉ. रावत ने बताया कि बच्ची को संक्रमण से बचाने के लिए शौच का कृत्रिम मार्ग बनाया गया है। निजी अंगों पर ड्रेसिंग करने के साथ एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं। बच्ची को कम से कम एक हफ्ते तक निगरानी में रखा जाएगा। दूसरा ऑपरेशन दो से तीन महीने बाद किया जाएगा।