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लखनऊ: बाढ़ से 40 स्कूलों पर लटका ताला, बच्चों की पढ़ाई ठप, स्कूल बंद करने का जारी किया आदेश

Wed, 07 Oct 2026 03:14 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

बीएसए विपिन कुमार का कहना है कि बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों की स्थिति का आकलन किया गया है। सरकारी और निजी करीब 40 विद्यालयों को बाढ़ का पानी रहने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्राथमिक विद्यालय टांडखेड़ा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गोमती नदी में आई बाढ़ के चलते सरकारी और निजी करीब 40 विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो गई है। कई स्कूलों में पानी घुसने के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बीएसए ने विद्यालय बंद रखने के निर्देश दिए हैं। बख्शी का तालाब, काकोरी, गाजीपुर, घैला और जेहटा के विद्यालय बाढ़ से प्रभावित हैं।

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काकोरी में कमर तक पानी
काकोरी ब्लॉक के कई प्राथमिक विद्यालयों में कमर से ऊपर तक पानी भर गया है। बीएसए ने एआरपी को मौके पर भेजकर स्थिति की जानकारी ली, जिसके बाद विद्यालयों को अग्रिम आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय टांडखेड़ा, प्राथमिक विद्यालय जेहटा प्रथम, प्राथमिक विद्यालय जेहटा द्वितीय, कंपोजिट विद्यालय सैथा और जूनियर प्राथमिक विद्यालय जेहटा शामिल हैं।

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बख्शी का तालाब में तीन फीट तक पानी भरा

प्राथमिक विद्यालय लासा। - फोटो : amar ujala
बख्शी का तालाब क्षेत्र के छह सरकारी विद्यालयों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इन विद्यालयों को बंद कर दिया गया है। इनमें प्राथमिक विद्यालय लासा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय इकड़रिया कला, प्राथमिक विद्यालय इकड़रिया कला, प्राथमिक विद्यालय दूधरा, बेसिक विद्यालय यमखनवा और प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर शामिल हैं।
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गाजीपुर बलराम और घैला के स्कूल भी प्रभावित

उच्च प्राथमिक विद्यालय गाजीपुर बलराम - फोटो : amar ujala
फैजुल्लागंज वार्ड के गाजीपुर बलराम स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। वहीं प्राथमिक विद्यालय बैला की स्थिति भी गंभीर है। यहां बाढ़ का पानी उतरने के बाद भवन की मजबूती की जांच की जाएगी। इसके बाद ही बच्चों को विद्यालय में बैठाने का निर्णय लिया जाएगा।

बीएसए विपिन कुमार का कहना है कि बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों की स्थिति का आकलन किया गया है। सरकारी और निजी करीब 40 विद्यालयों को बाढ़ का पानी रहने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान शिक्षक बीआरसी से ऑनलाइन गृहकार्य उपलब्ध कराने के साथ विद्यालय से जुड़े जरूरी कार्य निपटाएंगे।
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