सृष्टि हत्याकांड में पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के चिकित्सकों और विधि विज्ञान प्रयोगशाला के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स से संपर्क करके कई महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र की हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि सृष्टि के माथे पर लगे घाव फायर इंजरी के नहीं, बल्कि भारी वस्तु से किए गए प्रहार के थे।
अगर गोली सटाकर मारी जाती तो घाव के आसपास जलने के निशान (ब्लैकनिंग) पड़ जाते। बारूद के कुछ कण भी पाए जाते। हालांकि, यह दोनों लक्षण नहीं मिले। गोली मारकर खुदकुशी करने वाले व्यक्ति की अंगुलियों पर भी बारूद (गन पाउडर) के कुछ कण रह जाते हैं लेकिन सृष्टि के मामले में ऐसा नहीं मिला।
इसके बावजूद कमरे में गोली चली। दीवार पर गोली का निशान और एक खोखा मिलने से इसकी पुष्टि हो रही है। इससे साफ है कि सृष्टि को मारने के बाद उसके खुदकुशी करने की कहानी गढ़ी गई।
सृष्टि की हत्या की राज उसके मोबाइल फोन में है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। सृष्टि की लोगों से मोबाइल फोन पर हुई बातचीत का ब्यौरा, एसएमएस, व्हाट्सएप चैट का रिकॉर्ड और सोशल मीडिया के अकाउंट्स खंगाले जा रहे हैं।
यह था मामला
विकासनगर की विष्णुपुरी सचिवालय कॉलोनी निवासी व सुरक्षा निदेशालय के दरोगा वेद प्रकाश सिंह की बेटी सृष्टि की सोमवार दोपहर संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। वेद प्रकाश सिंह इन दिनों गृहमंत्री के आवास पर तैनात हैं। परिवारीजनों ने पढ़ाई के लिए डांटने के कारण पिता की सर्विस पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी करने की जानकारी दी थी।
हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई। ‘अमर उजाला’ ने मौत पर सवाल उठाए जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने जांच शुरू कराई तो सृष्टि की हत्या किए जाने की बात सामने आई। मंगलवार रात पुलिस की तरफ से सृष्टि के परिजनों पर शक जताते हुए हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी।