लखनऊ में बेड को लेकर मारामारी जारी है। कोविड कमांड सेंटर के पोर्टल के आंकड़ों पर गौर करें तो आईसीयू के कुल बेडों की संख्या 1100 के करीब है। इस वक्त 56 अस्पताल ब्यौरा दे रहे हैं, लेकिन इनमें आईसीयू के 100 बेड भी खाली नहीं हैं। सोमवार शाम पांच बजे तक अपडेट हुई सूचना के हिसाब से भर्ती के लिए महज 77 बेड ही उपलब्ध थे। सबसे ज्यादा 12 बेड केजीएमयू में थे। वहीं, अब भी करीब 20 अस्पताल बेड का ब्यौरा पोर्टल पर अपडेट नहीं कर रहे हैं।
इस वक्त अस्पतालों में तीन श्रेणियों-आइसोलेशन, एचडीयू और आईसीयू-वेंटिलेटर के बेड हैं। कागज पर इनकी संख्या छह हजार से ज्यादा है, जबकि पोर्टल पर करीब 4600 बेड दिखाए जा रहे हैं। इनमें से महज 1100 बेड आईसीयू-वेंटिलेटर वाले हैं।
आइसोलेशन के 800 बेड उपलब्ध
पोर्टल के अनुसार, रविवार शाम को आइसोलेशन के 800 बेड उपलब्ध थे। जबकि एचडीयू के 253 बेड भर्ती के लिए उपलब्ध थे। कुल बेड की बात करें तो आइसोलेशन के 1250, एचडीयू के 2100 और आईसीयू के 1100 बेड कोविड मरीजों के लिए हैं।
सबसे बड़ी उम्मीद केजीएमयू
केजीएमयू में आईसीयू के 375 बेड हैं। इसके बाद पीजीआई में 102, एरा में 55, मेदांता में 60, चंदन में 63 बेड हैं। केजीएमयू में रोज 10 से ज्यादा बेड उपलब्ध रहते हैं। बाकी जगह सिर्फ आइसोलेशन के बेड ही उपलब्ध रहते हैं।
19 अस्पतालों में एक भी बेड खाली नहीं
राजधानी के 19 अस्पतालों का दावा है कि उनके यहां कोरोना मरीजों के लिए एक भी बेड उपलब्ध नहीं है। इन्होंने अपने यहां सभी श्रेणी में उपलब्ध बेड की संख्या शून्य दिखा रखी है। इनमें मैकवेल, एडवांस न्यूरो सेंटर, मेयो, चरक के दोनों अस्पताल, फहमीना, निशात, वागा, लखनऊ मेट्रो, अपोलो, मेदांता, मेडवेल, केके, आस्था, लखनऊ हेरिटेज, टेंडर पॉम, चंदन और श्री साईं हॉस्पिटल शामिल हैं।
ब्यौरा अपडेट न करने वालों पर अब तक नहीं कार्रवाई
संक्रमण के इलाज के लिए 70 से ज्यादा अस्पताल अधिकृत किए गए हैं, पर अभी पोर्टल पर सिर्फ 56 अस्पताल ही नजर आ रहे हैं। बाकी अस्पताल ब्यौरा नहीं दे रहे हैं। प्रभारी अधिकारी ने इन पर कार्रवाई के लिए कहा था, पर अब भी न तो ब्यौरा आया और न ही कार्रवाई हुई।
अपना फोन नंबर नहीं दे रहे पीजीआई और केजीएमयू
कोविड कमान सेंटर ने सभी अस्पताल को बेड के ब्यौरे के साथ ही फोन नंबर देने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद केजीएमयू और पीजीआई पोर्टल पर अपना नंबर नहीं दे रहे हैं।