लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कुल 143 विभिन्न महाविद्यालयों को अस्थायी सहयुक्तता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश के कई जनपदों के कॉलेजों को स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति मिलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराना है। सहयुक्तता के अंतर्गत विधि, वाणिज्य, विज्ञान, कला और प्रबंधन जैसे प्रमुख संकायों के पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं।