विवि के द्वितीय परिसर में अभियांत्रिकी विभाग के बगल में लगाया गया विधि संकाय का बोर्ड। स्रोत ः
लखनऊ। एलएलबी तीन वर्षीय और पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को लागू करने की आधिकारिक घोषणा लखनऊ विवि ने बुधवार को की थी। इस दौरान पांच वर्षीय बीबीए-एलएलबी कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव को लेकर विवि के द्वितीय परिसर में बार काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने निरीक्षण भी किया। कुछ छात्रों का कहना है कि निरीक्षण को लेकर रातों-रात अभियांत्रिकी संकाय के सामने विधि संकाय का बोर्ड लगवा दिया गया। हालांकि विवि की कुलसचिव का कहना है कि छात्र हित में यह निर्णय पहले ही हो चुका था कि विधि संकाय का दायरा बढ़ाया जाएगा।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम के निरीक्षण के दौरान विवि के द्वितीय परिसर में अभियांत्रिकी संकाय के भवन के सामने विधि संकाय का बोर्ड लगाए जाने को लेकर वहां की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। छात्रों ने इसे लेकर आरोप भी लगाए कि बीसीआई की टीम को दिखाने के लिए रातों-रात ऐसा किया गया।
कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा की ओर से इस आशय का एक आदेश भी जारी किया गया है जिसमें कहा गया कि कुलपति प्रो. जेपी सैनी के आदेश के अनुपालन में लविवि के द्वितीय परिसर में पुराने भवन में संचालित अभियांत्रिकी संकाय को नवीन भवन में स्थानांतरित किया गया है। अभियांत्रिकी संकाय के पुराने भवन को विधि संकाय को हस्तांतरित किया जा रहा है।
विवि के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि विधि संकाय का दायरा बढ़ाने के लिए अब उसे तीन अन्य भवन भी मिल गए हैं। गिरिलाल गुप्ता व शंकर दयाल शर्मा संस्थान के भवनों का विधि विभाग को हस्तांतरित किए जाने के लिए विश्वविद्यालय ने पहले ही निर्णय ले लिया था। विधि संकाय के विस्तार के लिए गिरिलाल गुप्ता संस्थान व शंकर दयाल शर्मा संस्थान के दोनों हिस्सों को विधि विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा।