चौथे चरण में 17 जनपदों की धौरहरा, सीतापुर, मिश्रिख, उन्नाव, मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, कानपुर, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर व बाराबंकी सीटों के लिए आज कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाले गए।
सर्वाधिक 70.40 फीसदी वोट झांसी में और सबसे कम 52.60 फीसदी वोट रायबरेली सीट पर पड़े। पहले, दूसरे और तीसरे चरण की तुलना में चौथे चरण में कम मतदान हुआ लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव मुकाबले इस बार काफी ज्यादा वोटर निकले।
पहले तीन चरणों में क्रमश: 64.38, 62.69 व 60.12 फीसदी वोटिंग हुई थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने आमतौर पर शांतिपूर्ण मतदान का दावा किया है।
कैद हुई इन दिग्गजों की किस्मत
चौथे चरण में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, जितिन प्रसाद, प्रदीप जैन आदित्य, उमा भारती समेत 233 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया।
मध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड की 14 संसदीय सीटों पर बुधवार को छिटपुट घटनाओं के बीच 59.06 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले।
राजधानी लखनऊ में भी रिकार्ड 54.35 फीसदी वोटिंग हुई। पांच लोकसभा सीटों के पांच मतदान बूथों पर वोटरों ने मतदान का बहिष्कार किया।
डेढ़ करोड़ लोगों ने किया वोट
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया कि 14 लोकसभा सीटों पर कुल 2.46 करोड़ वोटरों में 1.45 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कॉल सेंटर को 52 जगहों से शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें ईवीएम खराब होने, वोटर पर्ची न मिलने, वोटर लिस्ट में नाम न होने, धीमी गति कराने से मतदान कराने और मतदान से रोकने आदि की शिकायतें थीं। इसे तत्काल दूर कराया गया।