सरकार ने अगले वित्तीय साल से राजधानी समेत प्रदेश के शहरी लोगों को शहरों में ‘इंटेलीजेंट ट्रैफिक सिस्टम’ के साथ मिलेंगी अन्य कई सुविधाएं देने का फैसला किया है।
इसी कड़ी में लखनऊ समेत इलाहाबाद, मथुरा, आगरा, कानपुर, वाराणसी व मेरठ में लोफ्लोर एवं मिनी बस सेवा को फिर से पीपीपी मॉडल पर शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इन बसों में वाई-फाई की निशुल्क सुविधा भी दी जाएगी। हालांकि यह सुविधा अगले साल ही मिल पाएगी। अलबत्ता नगरीय बस सेवा इकाई के स्तर पर इसकेलिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
पिछले दिनों मुख्य सचिव के यहां इस संबंध में बैठक हुई थी, जिसमें पहले चरण में राजधानी समेत 7 शहरों में ही लो फ्लोर मिनी बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया गया था। दरअसल एक सर्वे मुताबिक बाहर से आने वाले लोगों (फ्लोटिंग पापुलेशन) की संख्या काफी अधिक पाई है। उसके अनुपात में यहां नगरीय परिवहन व्यवस्था उपलब्ध नहीं हैं। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने प्रदेश केसभी बड़े शहरों में सुविधाजनक लो फ्लोर मिनी बस सेवा शुर करने का निर्देश दिया था।
इसकेतहत पहले 7 शहरों में नगरीय परिवहन बस सेवा शुरू करने की कवायद शुरू की गई है। नागरिकों की सुविधा के मुताबिक रूटों का निर्धारण, उचित किराया, गुणवत्तायुक्त सेवा सहित ऑपरेशन का स्टैंडर्ड निर्धारित करने का काम अंतिम चरण में हैं। बसों का संचालन ग्रॉस कॉस्ट (जीसी) मॉडल पर किया जायेगा।
सुबह 6 से रात 10 बजे तक चलेंगी बसें
नागरिकों को देर रात्रि तक शहर में यातायात की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बसों का संचालन प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जाएगा। एयरपोर्ट, बस स्टेशन एवं रेलवे स्टेशनों सहित मुख्य स्थानों पर नाइट बस सर्विस कम से कम एक-एक घंटे के अंतराल पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध होंगी। रात्रिकालीन बस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा केलिए आधुनिक तकनीक आधारित बेहतर सुरक्षा भी व्यवस्था की जाएगी।
बस स्टापों पर भी यात्रियों को मिलेंगी यह सुविधाएं
आम नागरिकों को बेहतर यातायात उपलब्ध कराने के लिए शहर के बस स्टाप पर भी यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। बस स्टापों पर डिजिटल डिस्प्ले, पैसेंजर कियास्क, ऑटोमैटिक टिकटिंग मशीन, रूट डिस्प्ले और जीपीएस सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
‘लो फ्लोर बसों में अधिकांश इलेक्ट्रिक बसें होंगी। बस खरीदने के लिए निविदा आमंत्रित किया जा चुका है, लेकिन अभी सरकार और शासन के स्तर पर कुछ वैधानिक औपचारिका पूरी करना बाकी है। इसमें करी एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इसलिए संभावना है कि अब नये साल में ही 7 शहरों में बसों का संचालन शुरू हो पाएगा।’ मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव नगर विकास।