प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा है कि लव जिहाद और धर्मांतरण की गतिविधियों को रोकने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो कानून भी बनाया जाएगा। योजनाबद्ध तरीके से कुछ कट्टरपंथी संगठन इस साजिश में शामिल हैं। उनकी साजिश का खुलासा करना जरूरी है। लव जिहाद और धर्मांतरण की अधिकतर पीड़ित एक ही समाज से हैं, हिन्दू धर्म की लड़कियां है। जिन्हें बहला फुसला कर पहले तो शादी की जाती है, फ़िर जबरन धर्म परिवर्तन को मजबूर किया जाता है।
एक बयान में उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में लव जिहाद और धर्मांतरण की घटनाएं तेजी से हो रही हैं। ऐसी तमाम शिकायतें सुनने में आ रही हैं। अभी हाल ही में कानपुर से कई मामले सुनने में आये। भोली भाली लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाना। यह सब एक साजिश के तौर पर हो रहा है। पीछे की घटनाओं को देखें तो सिमी और अब पीएफआई जैसे संगठनों के लोगों का नाम कई जगह सामने आया है। यह शातिर किस्म के लोग हैं आतंकी संगठनों से भी जुड़े हुए लोग हैं।
ऐसे लोगों को राजनीतिक पार्टियों का समर्थन भी तुष्टिकरण की राजनीति के चलते मिल जाता है। लोग संविधान की आड़ भी ऐसे मामलों में ले लेते हैं। शादी करके उनका जबरन धर्म परिवर्तन करवाना यह सरासर गलत है। जब भी जरूरत पड़ेगी कानून बनाया जाएगा। जनता को सुरक्षा देने के लिए ही कानून बनाए जाते हैं। एक-एक शहर से 10 -12 शिकायतों का आना सामान्य नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह लोगों को सुरक्षा दे। उन्होंने कहा कि आप देखिए लव जिहाद और धर्मांतरण की पीड़ित एक ही समुदाय से हैं। हिन्दू समाज की लड़कियां ही पीड़ित हो रही हैं। इस साजिश का खुलासा करना बहुत जरूरी है। सरकार ऐसे मामलों पर निगाह रखे है, जब भी जरूरत महसूस होगी, कड़ा कानून बनाया जाएगा।