अयोध्या में सरयू नदी के किनारे भगवान राम की 100 मीटर ऊंची मूर्ति बनाने के लिए प्रदेश सरकार फंड की व्यवस्था कॉर्पोरेट कंपनियों से करेगी। मूर्ति की लागत करीब 330 करोड़ रुपये आने की संभावना है।
इसके लिए कॉर्पोरेट कंपनियों से कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड से सहायता लेने की योजना है। भगवान राम की मूर्ति लगाने के प्रस्ताव को सपा नेता अखिलेश यादव के पैतृक गांव सैफई में भगवान कृष्ण की 50 फीट की मूर्ति का जवाब माना जा रहा है।
महाराष्ट्र में शिवाजी की मूर्ति बना रहे मूर्तिकारों के दल को पिछले दिनों अयोध्या का भ्रमण कराकर मूर्ति लगाने के संबंध में सलाह ली गई। सूत्रों का कहना है कि अयोध्या में जगह न होने के कारण सरयू नदी के नए घाटों के विपरीत दिशा में गोंडा जिले की जमीन पर मूर्ति लगाने पर विचार किया जा रहा है।
पर्यटन विभाग जल्द ही सरकार को जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव भेजेगा। प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि मूर्ति की स्थापना में निजी कंपनियां अपने सीएसआर फंड से मदद कर सकती हैं। सूत्रों की मानें तो पर्यटन के क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों से भी मूर्ति स्थापना के लिए 2 प्रतिशत सीएसआर फंड लिया जाएगा।
अयोध्या के लिए 755 करोड़ की योजनाएं प्रस्तावित
पर्यटन विभाग ने हाल में 26 पेज की बुकलेट तैयार कराई है। इसमें सरयू किनारे भगवान राम की मूर्ति लगाने के साथ-साथ अयोध्या में 350 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराने, रामकथा गैलरी की योजनाएं प्रस्तावित है। अयोध्या के लिए कुल 755 करोड़ की योजनाएं प्रस्तावित हैं।