गणपति बप्पा मोरिया.., अगले बरस तू जल्दी आ... भजनों के साथ शाही बग्घी पर सवार होकर गणपति बप्पा आज विदा ले रहे हैं।
शहर के सबसे बड़े पंडाल में विराजे ‘मनौतियों के राजा’ की सवारी ज्यों ही आई टी क्रॉसिंग से निकली उसमें खराबी आ गई।
लिहाजा बप्पा को ट्रक से बाकी का सफर तय करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बप्पा की शानदार शाही सवारी में 21 रथ हैं और 17 घोड़े थे लेकिन ऐन वक्त पर वे सब दांव दे गए।
पांच घंटे तक चलने वाली इस विसर्जन यात्रा की शुरुआत रामाधीन उत्सव भवन से शुरू हो चुकी है।
बैंड बाजों से सजी यात्रा रामकृष्ण मठ, शंकर नगर, नजीरगंज, डालीगंज होते हुए महाराजा अग्रसेन घाट पहुंचेगी, जहां शाम को बप्पा का विसर्जन होगा।
इन जगहों से निकलेगी यात्रा
इसके अलावा नजीराबाद, और महाराष्ट्र समाज की ओर से पंडालों में विराजे बप्पा की भी विसर्जन यात्रा गाजे-बाजे से निकलेगी। बप्पा को भक्त गोमती तट के कुड़ियाघाट पर विदाई दी जाएगी। इसके अलावा घरों में विराजे बप्पा भी गाजे-बाजे के साथ बुधवार को विदाई लेंगे।
चढ़ा 108 किलो का मोदक
आईटी चौराहे के पास विराजे मनौतियों के राजा को मंगलवार सुबह भक्तों ने गंगा जल, शहद, घी, केसर, दूध, गन्ने और फलों के रस से महाभिषेक किया। वहीं, शाम को फूलों से सजी पालकी में बप्पा को 108 किलो के महामोदक का भोग लगाया। इससे पहले यहां शिव बारात निकली।