झांसे में आई कलावती ने कागज की पुड़िया बनाकर जेवरात व नकदी रख दी। टप्पेबाज ने इसमें उसकी मदद की और पलक झपकते ही उसने दूसरा पुड़िया पकड़ा दी। इसके बाद टप्पेबाज ने कहा कि गाड़ी लेकर आ रहा हूं।
काफी देर इंतजार के बाद जब ठग नहीं लौटा तो पीड़िता को संदेह हुआ और वह पुलिस चौकी में गईं। जहां मौजूद दो उपनिरीक्षकों को पूरी जानकारी दी। उपनिरीक्षकों ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बहाने पीड़िता को रोके रखा। परेशान होकर वह थाने पहुंची, कुछ देर बाद वहां प्रभारी निरीक्षक पहुंचे। उन्होंने तहरीर ली और जांच की बात कही
कैंट थानाक्षेत्र में शुक्रवार को आर्मी कैंटीन के सब एरिया में रिटायर्ड सेना अधिकारी की पत्नी हसीना बानो से टप्पेबाजों ने दो लाख के जेवरात उतरवा लिए। टप्पेबाजों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए झांसा दिया था और सोने की चेन, लॉकेट, चार कंगन व टॉप्स समेटकर भाग निकले। तोपखाना निवासी पीड़िता की तहरीर पर पुलिस जांच कर रही है।
पीड़िता ने बताया कि सुबह साढ़े दस बजे वह कैंटीन से सामान लेने पैदल ही घर से जा रही थीं। कैंटीन के पास बाइक पर दो युवक मिले, जिसमें से एक युवक आगे आया और हसीना बानो से बोला कि इतनी घटनाएं हो रही हैं और तुम इतने जेवर पहनकर क्यों जा रही हो।
साहब ने बुलाया है। दोनों युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि जेवर एक कागज में लपेटकर बैग में रख लो। जेवर कागज में रखने के दौरान मदद की बात कहकर ठगों ने पुड़िया बदल दी और चले गए। हसीना बानो ने थोड़ी दूर जाकर बैग से पुड़िया निकाल कर देखी तो उसमें पत्थर थे।
पीड़िता के मुताबिक, जेवरात करीब दो लाख रुपये के थे। आरोप है कि उन्होंने थाने पहुंचकर वारदात की जानकारी दी तो प्रभारी निरीक्षक रंजना सचान ने उनको ही फटकार लगा दी। कई सवाल पूछे और तहरीर लेकर कहा कि जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा।
पीजीआई थानाक्षेत्र में तांत्रिक बनकर दो टप्पेबाजों ने एक महिला के जेवरात व नकदी उड़ा दी। पीड़िता ने केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक पीजीआई अशोक कुमार सरोज के मुताबिक, वृंदावन योजना सेक्टर-16 निवासी संध्या यादव ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को बेटे दिपांशु संग पीजीआई डॉक्टर को दिखाने गई थीं।
शाम करीब पांच बजे वापसी में मनी माउंट तिराहे के पास साधु का लिबास पहने दो लोगों ने उनको रोक लिया। दोनों ने खुद को तांत्रिक बताते हुए कि जेवरात उन्हें हानि पहुंचा सकते हैं। ठगों ने झांसे में आई संध्या को जेवरात व पर्स अपने बेटे को देने और 21 कदम बिना पीछे देखे चलने को कहा। संध्या ने वैसा ही किया और पीछे मुड़कर देखा तो दोनों ठग नहीं थे। संध्या के पूछने पर बेटे ने बताया कि टप्पेबाज सारा सामान लेकर भाग निकले।