लखनऊ के पॉश इलाके अलीगंज में आंचलिक विज्ञान केंद्र के पास शुक्रवार रात बाइक सवार लुटेरे ने मोटरसाइकिल पर पति संग जा रही महिला से पर्स लूटने का प्रयास किया। छीनाझपटी में पर्स महिला के गले में फंस गया, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इससे महिला व उसका 11 महीने का बेटा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। बाल-बाल बचे पति ने दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद थाने पहुंचकर तहरीर दी, लेकिन केस नहीं दर्ज किया गया। शनिवार को सोशल मीडिया पर घायल मासूम की फोटो वायरल हुई तो मुकदमा दर्ज किया गया।
बड़ा चांदगंज निवासी अधिवक्ता नीरज मिश्रा के मुताबिक शुक्रवार रात वह पत्नी रेनू के साथ बाइक से बेटे समृद्ध को डॉक्टर को दिखाने पुरनिया की प्रियदर्शिनी कॉलोनी के पास क्लीनिक पर गए थे। रात करीब साढ़े नौ बजे लौटते वक्त आंचलिक विज्ञान केंद्र के पास पीछे से आए बाइक सवार बदमाश ने रेनू के पर्स पर झपट्टा मारा, जो उसके गले में फंस गया। इस दौरान बाइक अनियंत्रित होने से रेनू और उसकी गोद से छिटककर सड़क पर गिरा समृद्ध घायल हो गए। मासूम के सिर, चेहरे व हाथ में गंभीर चोटें आईं हैं। मौके पर भीड़ जुटने से बदमाश भाग निकला। नीरज ने राहगीरों की मदद से दोनों को कपूरथला के अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार को डॉक्टरों ने दोनों को रेफर कर दिया। अब दोनों अपोलो में भर्ती हैं।
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क्लीनिक से ही पीछा कर रहा था बदमाश
पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाला बदमाश अकेला ही था। जब नीरज व रेनू क्लीनिक से निकले, तभी से वह उनका पीछा करने लगा था। रास्ते में अंधेरा देख उसने झपट्टा मारा। नीरज के मुताबिक बदमाश असलहे से लैस था। राहगीर न आते तो वह बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था।
पूर्व क्रिकेटर ने घटना पर उठाए सवाल
पूर्व क्रिकेटर रुद्र प्रताप सिंह ने भी घटना को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, यह बहुत निंदनीय है। प्रदेश की राजधानी में चेन स्नैचिंग जैसी घटना का आम होना चिंताजनक है। मेरा पुलिस से आग्रह है कि इस संवेदनशील विषय का संज्ञान लेते हुए तत्काल ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस नीति बनाकर सख्त से सख्त एक्शन सुनिश्चत करे।
पुलिस ने तहरीर लेकर लौटाया, दरोगा बोला-सुबह दर्ज करेंगे एफआईआर, पीड़ित का दावा
वारदात में अलीगंज पुलिस का लापरवाही भरा रवैया उजागर हुआ है। पीड़ित नीरज मिश्रा का कहना है कि वारदात के कुछ ही देर बाद थाने पहुंचकर उन्होंने तहरीर दी। इस पर दरोगा उनके साथ घटनास्थल तो गए, लेकिन केस नहीं दर्ज किया। दरोगा ने उनसे कहा, सुबह आएं। सीसीटीवी फुटेज जुटा लेंगे तब एफआईआर दर्ज करेंगे। वहीं, शनिवार को जब सोशल मीडिया पर मामले ने तूल पकड़ा। घायल बच्चे की फोटो वायरल हुई तब पुलिस अफसर सक्रिय हुए। एसीपी ने पीड़ित से संपर्क किया और दोपहर में केस दर्ज हुआ।
पॉश इलाके में गश्त का आदेश हवा में
डीजीपी ने कुछ ही दिन पहले आदेश जारी किया था कि हर थानाक्षेत्र में रोजाना पैदल गश्त की जाए। खासकर मुख्य बाजारों, संवेदनशील क्षेत्रों व पॉश इलाकों में अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अलीगंज जैसे पॉश व चहलपहल वाले इलाके में रात 9:30 से 10 बजे के बीच ऐसी घटना होना पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े करती है।
डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम आब्दी का कहना है कि पुलिस टीम घटनास्थल पर गई थी। शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई। अगर किसी तरह की कोई लापरवाही बरती गई होगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वारदात के खुलासे को पांच टीमें गठित की गई हैं।