फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष के घर डकैती का खुलासा, 10 गिरफ्तार

Mon, 25 Feb 2019 11:35 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
विज्ञापन
यूपीएसएसएससी के पूर्व अध्यक्ष - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
तीन अधिकारियों समेत 36 पुलिसकर्मियों की टीम ने सोमवार को महिला समेत दस बदमाशों को गिरफ्तार करके गाजीपुर थाना क्षेत्र में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य संपत्ति अधिकारी राजकिशोर यादव के घर दिनदहाड़े डकैती का पर्दाफाश किया है। बदमाशों के कब्जे से 25 लाख के सोने और दो लाख रुपये के चांदी के गहने, 4.75 लाख रुपये, राजकिशोर व प्रशस्ति के मोबाइल, पांच तमंचे, वारदात में इस्तेमाल बोलेरो, बाइक और स्कूटी बरामद की है। डेढ़ साल पहले काम छोड़ चुके नौकर अजय वाल्मीकि ने अपनी पत्नी माधुरी के जरिये 25 साल पुराने नौकर विजय को पटाकर अपने गुर्गे को राजकिशोर के घर नौकरी दिलाई। नकदी-गहने व अन्य ब्योरा एकत्र करके वारदात अंजाम दी थी। पकड़े गए बदमाशों में डकैती के गहने बिकवाने वाला सुनार भी शामिल है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने सनसनीखेज वारदात के खुलासे पर पुलिस टीम को 20 हजार रुपये नकद इनाम की घोषणा की है। 
विज्ञापन


कलानिधि नैथानी ने बताया कि डकैतों ने राजकिशोर यादव और उनकी बेटी प्रशस्ति यादव को बंधक बनाकर 30 लाख के गहने, 50 हजार रुपये व लाइसेंसी रिवॉल्वर लूटी थी। पुलिस टीम ने चौक के रानी कटरा चौपटिया निवासी राज रस्तोगी, चिनहट के अजयनगर कमता निवासी संजीत यादव, बरेली के कस्बा सिरौली निवासी अजय वाल्मीकि, उसकी पत्नी माधुरी, रामपुर के शाहाबाद थाने के भीतरगांव बबलू कोरी, बल्लू वाल्मीकि, गोंडा के कटरा थाने के महपतपुरवा निवासी रामगोपाल उर्फ सिंटू उर्फ मुकेश, फतेहपुर के छुलहा थाने के गांव बरचंदपुर निवासी वीरेंद्र कुमार उर्फ भरत पाल, बहराइच के कैसरगंज थाने के सोनू उर्फ देवा, मौंडी थाने के गुजौली कला निवासी शनि सिंह को गिरफ्तार किया है। 
विज्ञापन

काम छोड़ चुके नौकर ने रची थी साजिश 

पुलिस अधीक्षक ट्रांसगोमती अमित कुमार ने बताया कि अजय वाल्मीकि ने छह साल पहले राजकिशोर यादव के घर पर नौकरी शुरू की और डेढ़ साल पहले छोड़ दी। इस दौरान उसने घर में लाखों रुपये कीमत के गहने व नकदी देखी थी। तंगहाली का शिकार अजय ने अपनी पत्नी माधुरी के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची। माधुरी ने राजकिशोर के घर में 25 साल से नौकरी कर रहे विजय से मोबाइल पर बातचीत का सिलसिला शुरू किया। नजदीकी बनने पर उसने अपने भाई मुकेश को राजकिशोर के घर में खाना पकाने का काम दिलाने की पेशकश की। साजिश से बेखबर विजय ने महीना भर पहले मुकेश को नौकरी दिला दी। मुकेश का असली नाम रामगोपल उर्फ सिंटू था। वह माधुरी का भाई नहीं, बल्कि मास्टर माइंड अजय का गुर्गा था जो नौकरी के बहाने घर की जानकारी जुटाने भेजा गया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें