फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुल्तानपुर : टिकट कटने के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं सपा का पूर्व प्रत्याशी, लखनऊ में डाला डेरा

Mon, 22 Apr 2024 04:06 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर

सार

महीनों से जिले की खाक छान रहे सपा के पूर्व प्रत्याशी ने टिकट कटने के बाद भी हार नहीं मानी है। शीर्ष नेतृत्व से मिलने के लिए लखनऊ में डेरा डाल दिया है। उन्हें सपा विधायक का समर्थन भी प्राप्त हो रहा है।
विज्ञापन
भीम निषाद। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टिकट की घोषणा से महीनों पहले ही जिले की खाक छान रहे सपा के पूर्व प्रत्याशी भीम निषाद टिकट कटने के बाद भी मैदान से बाहर नहीं गए। वे अंगद की तरह पांव जमाए हैं। उनके समर्थक लगातार नए प्रत्याशी का विरोध कर रहे हैं, जबकि वे खुद दोबारा टिकट पाने के लिए लखनऊ में जोर आजमा रहे हैं। उनकी मुहिम को इकलौते सपा विधायक का भी समर्थन हासिल है।

विज्ञापन


निषाद समाज से प्रत्याशी उतारकर सपा ने शुरुआती बढ़त ली थी, लेकिन पहले प्रत्याशी भीम निषाद को कई पार्टी नेताओं का विरोध झेलना पड़ा। अंतत: उनका टिकट काटकर दो बार विधायक और प्रदेश में मंत्री रह चुके गोरखपुर के रामभुआल निषाद को टिकट दे दिया गया। पार्टी में रार यहीं खत्म नहीं हुई। भीम निषाद जहां दोबारा टिकट के लिए लखनऊ में पार्टी के बड़े नेताओं से जुगत भिड़ा रहे हैं, वहीं उनके समर्थक रामभुआल निषाद का विरोध कर रहे हैं। रामभुआल भी अभी पार्टी को एक करने में नाकाम दिख रहे हैं। उनसे अब तक सपा के एकमात्र विधायक ताहिर खान दूरी बनाए हुए हैं।

ये भी पढ़ें - NRI वोटर तो बढ़े, पर मतदान नहीं... यूपी में सबसे तेजी से अप्रवासी मतदाताओं में हुई वृद्धि
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - कम मतदान दोधारी तलवार, सभी पार्टियां लगा रहीं कयास; पहले चरण में किसी के पक्ष में नहीं चली बयार


इसौली के विधायक ताहिर भीम निषाद के समर्थन में हैं। वे आज भी कहते हैं कि भीम निषाद अच्छे व्यक्ति हैं और उन्होंने जिले में बहुत मेहनत की है। यदि पार्टी नेतृत्व उनसे पूछेगा तो वह यह बात कहने में संकोच नहीं करेंगे। उधर, भीम निषाद का दावा है कि पार्टी उनकी मेहनत को देखते हुए टिकट दोबारा देगी। इसलिए उनकी टीम अभी मैदान में डटकर प्रचार कर रही है। भीम निषाद कहते हैं कि प्रदेशाध्यक्ष उत्तम पटेल से जल्द ही मुलाकात होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उधर, सपा प्रत्याशी रामभुआल निषाद कहते हैं कि सब कुछ ठीक है। जल्द ही भीम निषाद भी हमारे साथ होंगे। 

महंगी पड़ सकती है बगावत
भले ही भीम निषाद अभी खुद को पार्टी का अनुशासित सिपाही बता रहे हों, लेकिन उनके बागी तेवर से पार्टी परिचित है। एकलव्य सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भीम निषाद सपा से टिकट न मिलने पर अंबेडकरनगर जिले की जलालपुर सीट से निर्दल चुनाव भी लड़ चुके हैं। अच्छे खासे वोट हासिल करके समाज में अपनी ताकत भी जता चुके हैं।
विज्ञापन


रामभुआल निषाद : प्रदेश सरकार में रहे मंत्री
सपा प्रत्याशी रामभुआल निषाद ग्रेजुएट हैं। गोरखपुर की कौड़ीराम (अब गोरखपुर ग्रामीण) विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे हैं। एक बार वे बसपा सरकार में मत्स्य पालन विभाग के मंत्री रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े, जिसमें 4.15 लाख वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे।

भीम निषाद : निर्दल लड़कर दिखा चुके हैं ताकत
मूल रूप से आजमगढ़ निवासी भीम निषाद पोस्ट ग्रेजुएट हैं। 14 साल से समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं और खासकर निषाद समाज में बराबर सक्रिय रहे हैं। इसी बूते उन्होंने अंबेडकरनगर की जलालपुर विधानसभा सीट से निर्दल चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें करीब 30 हजार वोट मिले थे। फिलहाल वह सपा के प्रदेश सचिव भी हैं। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें