अयोध्या का राम मंदिर (फाइल फोटो)
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अयोध्या जिला, मंडल, रेलवे स्टेशन और छावनी...सबका नाम एक-एक कर बदल गया, लेकिन लोकसभा क्षेत्र की पहचान में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। निर्वाचन अभिलेखों में संसदीय सीट का नाम अब भी फैजाबाद ही है।
13 नवंबर वर्ष 2018 को फैजाबाद जिला व मंडल का नाम बदलकर अयोध्या करने का फैसला किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी वर्ष दीपोत्सव पर जिले का नाम बदलकर अयोध्या करने की घोषणा की। 12 नवंबर वर्ष 2018 को तत्कालीन कमिश्नर मनोज मिश्र ने जिले के साथ मंडल का नाम अयोध्या करने का प्रस्ताव शासन को भेजा। इसके अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में यह स्वीकार हो गया।
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इसके बाद 296 वर्षों से चल रहे फैजाबाद नाम के अतीत की बात होने की राह प्रशस्त हुई। फैजाबाद नाम वर्ष 1722 में वजूद में आया था। रामायण काल में इसका नाम साकेत था। इसी कड़ी में 23 अक्तूबर वर्ष 2021 में फैजाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन का नाम भी बदलकर अयोध्या कैंट कर दिया गया। यह फैसला भी सीएम योगी ने ही लिया। इसके लिए सांसद लल्लू सिंह ने प्रस्ताव सौंपा था। सीएम के निर्णय के बाद इसी वर्ष दो नवंबर को उत्तर रेलवे ने इस पर अपनी मुहर लगा दी।
मोदी सरकार ने भी रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के निर्णय पर सहमति दे दी। स्टेशन का कोड भी बदलकर एवाईसी कर दिया गया। यह पहले एफडी हुआ करता था। इस स्टेशन की स्थापना वर्ष 1874 में की गई थी। 18 अक्तूबर वर्ष 2022 को फैजाबाद छावनी का नाम बदलकर अयोध्या छावनी कर दिया गया। रक्षा मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी की। इन घटनाक्रमों के बीच लोकसभा सीट अभी फैजाबाद की स्मृति को जिंदा रखे हुए है।