सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के नवनियुक्त लोकायुक्त जस्टिस वीरेंद्र सिंह की शपथ पर 4 जनवरी तक रोक लगा दी है। शनिवार शाम को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां रोक दी गईं। जस्टिस वीरेंद्र को रविवार को लोकायुक्त पद की शपथ लेना था।
इसके लिए राजभवन की ओर से अतिथियों को निमंत्रण पत्र भी भेजा जा चुका था, पर शीर्ष कोर्ट का आदेश आते ही सारी तैयारियां जहां की तहां ठहर गईं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष एवं हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की चयन समिति में सहमति न बन पाने पर सुप्रीम कोर्ट ने ही 16 दिसंबर को जस्टि वीरेंद्र को यूपी का नया लोकायुक्त नियुक्त कर दिया था।
शुक्रवार को राज्यपाल राम नाईक ने आदेश जारी करते हुए 20 दिसंबर को शपथ ग्रहण की तारीख भी तय कर दी थी।
शासन के सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वीरेंद्र की नियुक्ति रद्द नहीं की है, बल्कि केवल शपथ ग्रहण स्थगित करने के आदेश दिए हैं। छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट खुलने पर 4 जनवरी को सुनवाई होगी। उसके बाद ही स्थिति साफ होगी।
इधर तैयारियां चल रही थीं, उधर याचिका लगा दी
‘सच्चे’ का आरोप: यूपी सरकार ने शीर्ष अदालत को गुमराह किया
शनिवार को लखनऊ में जस्टिस वीरेंद्र को शपथ दिलाने की तैयारियां चल रही थीं, तो दूसरी तरफ दिल्ली में याचिकाकर्ता सच्चिदानंद गुप्त ‘सच्चे’ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।
याचिका में आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को नियुक्ति के लिए 5 नाम देकर शीर्ष अदालत को गुमराह किया है। इन नामों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहमत नहीं हैं।
उन्होंने इस बारे में गवर्नर को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है, इसलिए लोकायुक्त के चयन पर नए सिरे से विचार होना चाहिए। तब सुप्रीम कोर्ट ने 4 जनवरी तक लोकायुक्त की शपथ पर रोक लगाने का आदेश दे दिया।
मुख्य सचिव ने किया शपथ टालने का अनुरोध
सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे मुख्य सचिव आलोक रंजन ने राज्यपाल की प्रमुख सचिव जूथिका पाटणकर को फोन पर सारी जानकारी दी।
इसके बाद राज्यपाल ने राज्यसरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए शपथ ग्रहण कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
फिलहाल लोकायुक्त बने रहेंगे जस्टिस मेहरोत्रा
नए लोकायुक्त की नियुक्ति के बाद रुखसत होने की तैयारी कर रहे मौजूदा लोकायुक्त जस्टिस एनके मेहरोत्रा फिलहाल 4 जनवरी तक तो लोकायुक्त के पद पर बने ही रहेंगे।
उनकी नियुक्ति को लेकर स्थिति साफ होने तक उन्हें पद पर बने रहने का और मौका मिल गया है।