पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला है। दावा था कि इससे काला धन बाहर आएगा। भाजपा सरकार ने नोटबंदी से एक लाख करोड़ से अधिक का घोटाला किया है। यदि नोटबंदी सफल थी तो चुनाव अचार संहिता के बाद हजारों करोड़ रुपये पकड़ा जा रहा है वह कहां से आ रहा है।
लोकसभा चुनाव के बाद यदि विपक्ष की सरकार आए तो वह नोटबंदी घोटाले की जांच कराए। सरकार के कई बड़े लोग इसमें फंसेंगे। सहकारी बैंकों में इस घोटाले में बड़ी भूमिका निभाई है। अहमदाबाद के सहकारी बैंक में क्या हुआ था इसे सभी जानते हैं।
चुनाव आयोग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भी मोदी आयोग बन गया है। छोटे नेताओं पर कार्रवाई हो रही है। प्रधानमंत्री को क्लीन चिट दी जा रही है। सीबीआई चीफ के चयन के लिए कमेटी बनती है लेकिन चीफ इलेक्शन कमीशन के लिए नहीं।
उन्होंने कहा कि ईवीएम यदि सही है तो वीवीपैट की संख्या बढ़ाकर चुनाव बाद रैंडम जांच होनी चाहिए। इससे सभी का मुंह बंद हो जाएगा। यदि जांच में कोई भी बटन दबाने पर कमल के फूल की पर्ची निकलती है तो जानबूझकर भी ऐसा किया जा सकता है।
यशवंत सिन्हा ने साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी बनाए जाने को गलत बताया और कहा कि वह अभी आरोपी हैं। भाजपा उनको चुनाव लड़ाकर क्या संदेश देना चाहती है। उन्होंने कहा कि कृषि और किसान की दुर्दशा हो गई है। बेरोजगारी बढ़ गई है। सिर्फ धर्म को मुद्दा बनाकर चुनाव को प्रभावित किया जा रहा है। पाकिस्तान के नाम पर जनता को डराया जा रहा है। वह कहते हैं परमाणु बम हमने दिवाली के लिए नहीं रखा है। जबकि मई 1998 में अटल जी ने जब परमाणु परीक्षण किया था तो चीन को ध्यान में रखा था।
उन्होंने अमेरिका को पत्र लिख कर बताया था कि चीन के परमाणु सक्षम होने कारण भविष्य के खतरे को देखते हुए भारत ने परीक्षण किया है। उस पत्र में पाकिस्तान का कहीं जिक्र नहीं था। जिस पाकिस्तान की हमारे सामने कोई हैसियत नहीं उस पाकिस्तान का हौवा मोदी अपने फायदे के लिए खड़ा करते रहते हैं। भारत-पाकिस्तान की कोई तुलना नहीं है।
नीति आयोग का उपयोग फर्जी आंकड़ेबाजी के लिए
उन्होंने कहा कि नीति आयोग का उपयोग फर्जी आंकड़ेबाजी के लिए किया जा रहा है। योजना आयोग सभी राज्यों को उनकी जरूरत के अनुसार वित्तीय मदद देता था। इसे नीति आयोग बनाकर पीएमओ का गुलाम बना दिया गया है। जो देश के सामने जीडीपी, बेरोजगारी, आर्थिक स्थिति, उज्ज्वला, सौभाग्य योजना के फर्जी आंकड़े पेश करता रहता है।
यशवंत सिन्हा ने लखनऊ से सपा-बसपा गठबंधन की लोकसभा प्रत्याशी पूनम सिन्हा को वोट देने की अपील भी की। भाजपा के प्रत्याशी गृहमंत्री राजनाथ सिंह को उन्होंने नाकाबिल बताते हुए कहा कि वह गृहमंत्री के रूप में दी गई जिम्मेदारी पर खरे नहीं उतरे। वह अटल जी के साथ भी मंत्री रहे। उम्मीद थी कि इस सरकार में रहते हुए गलत बातों का खड़े होकर विरोध करेंगे लेकिन देखने को मिला कि वह मजबूर हैं, मजबूत नहीं।
उन्होंने चुनाव के चार चरणों में मतदान के बाद मिली रिपोर्ट के आधार पर गठबंधन को आगे बताया। साथ ही कहा कि यदि कांग्रेस सपा-बसपा गठबंधन से मिलकर लड़ती तो अच्छा होता। उन्होंने बिहार में भी गठबंधन के पक्ष में अच्छे परिणाम आने की बात कही।