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बहरूपिया हैं मोदी, पहले चायवाला अब चौकीदार, आगे क्या रूप धारण करें पता नहीं: यशवंत सिन्हा

Wed, 01 May 2019 04:21 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा - फोटो : amar ujala
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भाजपा सरकार में वित्त एवं विदेश मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहरूपिया बताया है। कहा कि वह खुद को चौकीदार बता रहे हैं यही सबसे बड़ी विडंबना है। वह पिछले चुनाव में चायवाला थे, इस बार चौकीदार हैं, आगे देखते हैं कि वह क्या रूप धारण करते हैं।

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यशवंत सिन्हा बुधवार को एक स्थानीय होटल में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार पर हमला बोल रहे थे। वह राजधानी लखनऊ में सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी पूनम सिन्हा के प्रचार के लिए आए हैं।

पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण चुनावी भाषणों में गिरावट आई है। पीएम ने भाषण देने का स्तर गिरा दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई होते तो क्या वह ऐसे बोलते। भाजपा मोदी पार्टी बन गई है। लेकिन फौज मोदी फौज कभी नहीं बनेगी।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों में कभी नोटबंदी, जीएसटी व रोजगार का जिक्र नहीं करते। आर्थिक मुद्दे पर भाजपा सरकार फेल हो गई है। देश की अर्थव्यवस्था की हालत खराब है। उनके कारण प्रजातंत्र और प्रजातंत्र की संस्थाओं का भविष्य खराब हो गया है।

'नोटबंदी मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला'

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला है। दावा था कि इससे काला धन बाहर आएगा। भाजपा सरकार ने नोटबंदी से एक लाख करोड़ से अधिक का घोटाला किया है। यदि नोटबंदी सफल थी तो चुनाव अचार संहिता के बाद हजारों करोड़ रुपये पकड़ा जा रहा है वह कहां से आ रहा है।

लोकसभा चुनाव के बाद यदि विपक्ष की सरकार आए तो वह नोटबंदी घोटाले की जांच कराए। सरकार के कई बड़े लोग इसमें फंसेंगे। सहकारी बैंकों में इस घोटाले में बड़ी भूमिका निभाई है। अहमदाबाद के सहकारी बैंक में क्या हुआ था इसे सभी जानते हैं।

चुनाव आयोग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भी मोदी आयोग बन गया है। छोटे नेताओं पर कार्रवाई हो रही है। प्रधानमंत्री को क्लीन चिट दी जा रही है। सीबीआई चीफ के चयन के लिए कमेटी बनती है लेकिन चीफ इलेक्शन कमीशन के लिए नहीं।

उन्होंने कहा कि ईवीएम यदि सही है तो वीवीपैट की संख्या बढ़ाकर चुनाव बाद रैंडम जांच होनी चाहिए। इससे सभी का मुंह बंद हो जाएगा। यदि जांच में कोई भी बटन दबाने पर कमल के फूल की पर्ची निकलती है तो जानबूझकर भी ऐसा किया जा सकता है।

साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी बनाया जाना गलत

यशवंत सिन्हा ने साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी बनाए जाने को गलत बताया और कहा कि वह अभी आरोपी हैं। भाजपा उनको चुनाव लड़ाकर क्या संदेश देना चाहती है। उन्होंने कहा कि कृषि और किसान की दुर्दशा हो गई है। बेरोजगारी बढ़ गई है। सिर्फ धर्म को मुद्दा बनाकर चुनाव को प्रभावित किया जा रहा है। पाकिस्तान के नाम पर जनता को डराया जा रहा है। वह कहते हैं परमाणु बम हमने दिवाली के लिए नहीं रखा है। जबकि मई 1998 में अटल जी ने जब परमाणु परीक्षण किया था तो चीन को ध्यान में रखा था।

उन्होंने अमेरिका को पत्र लिख कर बताया था कि चीन के परमाणु सक्षम होने कारण भविष्य के खतरे को देखते हुए भारत ने परीक्षण किया है। उस पत्र में पाकिस्तान का कहीं जिक्र नहीं था। जिस पाकिस्तान की हमारे सामने कोई हैसियत नहीं उस पाकिस्तान का हौवा मोदी अपने फायदे के लिए  खड़ा करते रहते हैं। भारत-पाकिस्तान की कोई तुलना नहीं है।

नीति आयोग का उपयोग फर्जी आंकड़ेबाजी के लिए
उन्होंने कहा कि नीति आयोग का उपयोग फर्जी आंकड़ेबाजी के लिए किया जा रहा है। योजना आयोग सभी राज्यों को उनकी जरूरत के अनुसार वित्तीय मदद देता था। इसे नीति आयोग बनाकर पीएमओ का गुलाम बना दिया गया है। जो देश के सामने जीडीपी, बेरोजगारी, आर्थिक स्थिति, उज्ज्वला, सौभाग्य योजना के फर्जी आंकड़े पेश करता रहता है।
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पूनम सिन्हा को वोट देने की अपील की

यशवंत सिन्हा ने लखनऊ से सपा-बसपा गठबंधन की लोकसभा प्रत्याशी पूनम सिन्हा को वोट देने की अपील भी की। भाजपा के प्रत्याशी गृहमंत्री राजनाथ सिंह को उन्होंने नाकाबिल बताते हुए कहा कि वह गृहमंत्री के रूप में दी गई जिम्मेदारी पर खरे नहीं उतरे। वह अटल जी के साथ भी मंत्री रहे। उम्मीद थी कि इस सरकार में रहते हुए गलत बातों का खड़े होकर विरोध करेंगे लेकिन देखने को मिला कि वह मजबूर हैं, मजबूत नहीं।

उन्होंने चुनाव के चार चरणों में मतदान के बाद मिली रिपोर्ट के आधार पर गठबंधन को आगे बताया। साथ ही कहा कि यदि कांग्रेस सपा-बसपा गठबंधन से मिलकर लड़ती तो अच्छा होता। उन्होंने बिहार में भी गठबंधन के पक्ष में अच्छे परिणाम आने की बात कही।
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