चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। आयोग ने उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी है।
क्या है मामला?
19 अप्रैल को योगी ने संभल में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए 'बाबर की औलाद' शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने संभल से सपा उम्मीदवार शफीकुर्र रहमान बर्क का जिक्र करते हुए कहा था, "जब मैं सांसद था तो मैंने एक बार सपा के उम्मीदवार जो खुद सांसद थे, उनसे उनके पूर्वजों के बारे में पूछा. उन्होंने कहा कि हम बाबर के उत्तराधिकारी हैं. मैं हैरान था। एक तरफ, एक ऐसी पार्टी का उम्मीदवार है जो बाबा भीमराव आंबेडकर और गौतम बुद्ध से जुड़े स्थानों का विकास करता है. दूसरी तरफ विपक्ष का ऐसा उम्मीदवार है जो खुद को 'बाबर की औलाद' कहता है।"
इसी बयान को लेकर आयोग ने उनसे जवाब मांगा है। गौर करने वाली बात यह है कि योगी ने यह बयान ठीक उस समय दिया जब उन पर लगे 72 घंटे के प्रतिबंध के बाद उन्हें फिर से लोकसभा चुनाव में प्रचार करने की इजाजत मिली थी।