बैठक में सपा-बसपा गठबंधन के घोषित और संभावित उम्मीदवारों के मद्देनजर भाजपा से उतारे जाने वाले मजबूत उम्मीदवारों के बारे में मंथन कर पैनल को अंतिम रूप दिया गया। पैनल बनाने में सामाजिक समीकरण पर भी नजर रखी गई है। बैठक में मिशन 74 को एकमात्र ध्येय मानकर प्रत्याशी तय करने पर सहमति हुई।
पिछड़ों पर फोकस
लोकसभा चुनाव में पिछड़े वर्ग में गैर यादव जातियों को साधने पर बातचीत हुई। पश्चिम और ब्रज से टिकट देने की शुरुआत होगी और काशी क्षेत्र की सीटों तक जारी रहेगी। मौर्य, निषाद, शाक्य, कुर्मी, राजभर, कश्यप जातियों के साथ अति पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को तवज्जो मिलेगी।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव में महिलाओं पर भी फोकस किया है। महिलाओं को 2014 की तरह 11 से ज्यादा टिकट दिए जा सकते हैं। कोर कमेटी की बैठक में महिलाओं के बीच पकड़ व पहुंच मजबूत करने के लिए महिला मोर्चा के सम्मेलनों की बात भी तय हुई। हालांकि कुछ महिला सांसदों का टिकट कट सकता है या उनकी सीटें बदली जा सकती हैं।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 17 सीटों पर भी बसपा के जाटव वोट बैंक में सेंधमारी के मद्देनजर उम्मीदवारों पर विचार-विमर्श किया गया। बताया जाता है कि सपा और बसपा के कुछ बागियों के नाम भी सूची में शामिल किए गए हैं।
बैठक में उम्मीदवार चयन के साथ पहले और दूसरे चरण के चुनाव प्रचार और चुनाव प्रबंधन पर भी मंथन हुआ। पहले चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैलियों के साथ जातिगत समीकरण के हिसाब से भाजपा नेताओं और मंत्रियों की रैलियां होंगी।
ओबीसी, एससी, युवा, महिला और किसान मोर्चा के सम्मेलनों के आयोजन कराने पर भी चर्चा हुई।